जैसे ही गाय-भैंस दूध कम देने लगे, चारा कम खाने लगे. इतना ही नहीं दूध में फैट अच्छी नहीं आ रही हो. दूध का एसएनएफ कम हो रहा हो. या फिर पशु का हाजमा खराब हो गया हो और पशु का पेट फूल रहा हो तो पशुपालक परेशान हो उठते हैं. ऐसे में ज्यादातर पशुपालक सबसे पहला काम ये करते हैं कि पशुओं की खुराक में बदलाव कर देते हैं. जैसे खिलाए जा रहे चारे को दूसरे चारे से बदल देते हैं. या फिर खिलाए जा रहे हरे चारे और अनाज में कम या बढ़ोतरी करने लगते हैं. हालांकि ये बहुत ही जोखिम वाला काम होता है.
क्योंकि एकदम से चारे को बदलना और उसमे कमी-बढ़ोतरी करना सीधे पशुओं की खुराक और उनकी पाचन क्रिएया पर असर डालता है. इसलिए एनिमल न्यूट्रीशन एक्सपर्ट ऐसा करते वक्त एक खास चीज को जरूर शामिल करने की सलाह देते हैं, और वो है सोडियम बाइकार्बोनेट (मीठा सोडा). लेकिन इसके साथ ही अलर्ट रहने की भी बहुत जरूरत होती है. क्योंकि पशु चिकित्सों के मुताबिक मीठा सोडा जितना फायदेमंद हैं कभी-कभी उतना ही नुकसानदायक भी साबित हो जाता है.
मीठा सोडा खिलाने के एक्सपर्ट टिप्स
दुधारू पशुओं के लिए मीठा सोडा बहुत ही उपयोगी माना जाता है. पशुपालन में इसका इस्तेमाल खासतौर पर पशु के पाचन को सुधारने और दूध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाता है.
ये मौका होता है मीठा सोडा खिलाने का
- जब पशु की खुराक में शामिल दाना अचानक बदला जा रहा हो.
- जब पशुओं की खुराक में अनाज, खली ज्यादा और हरा चारा कम हो.
- अगर पशु जुगाली कम कर रहा है तो उसे मीठा सोडा दे सकते हैं.
मीठा सोडा के फायदे
- जब गाय-भैंस या भेड़-बकरी ज्यादा दाना या अनाज खा लेते हैं तो एसिडिटी बढ़ जाती है. मीठा सोडा इस एसिडिटी को कम करके पेट का pH लेवल संतुलित रखता है.
- पशु का पाचन सही रहता है तो उसके दूध में फैट भी अच्छी मात्रा में बनता है.
- पशु की खुराक कम हो रही है या जुगाली कम कर रहा है, तो मीठा सोडा देने से उसकी भूख और खाने की क्षमता बढ़ती है.
- पेट में गैस बनने या पेट फूलने जिसे अफरा भी कहा जाता है की परेशानी मीठा सोडा देने से ठीक हो जाती है.
- एसिडिटी की वजह से पशु को दस्त हो गए हैं, गोबर पतला कर रहा है, तो मीठा सोडा दे सकते हैं.
मीठा सोडा खिलाने का तरीका
- एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक मीठा सोडा खिलाने की का वक्त और उसकी मात्रा हमेशा पशु की स्थिति और उसकी डाइट के हिसाब से तय की जाती है.
- सामान्य हालात में 30 से 50 ग्राम रोजाना दाना मिश्रण में मिलाकर खिलाया जा सकता है.
- एक्सपर्ट की सलाह पर ज्यादा दूध देने वाले पशुओं को 50 से 100 ग्राम तक दे सकते हैं.
- अफारा या गैस होने पर 100 ग्राम मीठा सोडा तेल या पानी के साथ घोल बनाकर दे सकते हैं.
मीठा सोडा खिलाने में बरतें ये सावधानियां
- लगातार मीठा सोडा न खिलाएं, जब पशु को ज्यादा दाना खिलाया जा रहा हो या पाचन की परेशानी हो.
- पशुओं को साधारण नमक खिला रहे हैं तो सोडे की मात्रा का ध्यान रखें, जिससे शरीर में सोडियम का संतुलन न बिगड़े.
- पशु गाभिन है या कोई दूसरी गंभीर बीमारी है तो डॉक्टरी सलाह पर ही मीठा सोडा खिलाएं.
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