Milking Machine: 5 से ज्यादा गाय-भैंस वालों के लिए जरूरी है ये मशीन, इस्तेमाल के बहुत हैं फायदे 

Milking Machine: 5 से ज्यादा गाय-भैंस वालों के लिए जरूरी है ये मशीन, इस्तेमाल के बहुत हैं फायदे 

Milking Machine in Dairy एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि खासतौर पर बरसात के दिनों में संक्रमण के चलते पशुओं को कई तरह की बीमारियां होती हैं. ऐसी ही एक बीमारी थनैला है. ये बीमारी गलत ढंग से पशु का दूध निकालने और साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखने की वजह से होती है. इसलिए बरसात में तो मिल्किंग मशीन (Milking Machine) का इस्तेमाल और ज्यादा जरूरी हो जाता है. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jan 19, 2026,
  • Updated Jan 19, 2026, 1:37 PM IST

Milking Machine in Dairy गाय-भैंस का दूध निकालने का भी एक तरीका होता है. अगर दूध निकालने के दौरान जरा भी लापरवाही हो जाए तो पशु बीमार हो सकता है. इतना ही नहीं जो दूध पशु ने दिया है वो खराब भी हो सकता है. केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान (सीआईआरबी), हिसार के रिटायर्ड प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. सज्जन सिंह का कहना है कि अक्सर दूध निकालने के दौरान पशुओं को संक्रमण हो जाता है. दूध निकालते वक्त साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया तो पशुओं को थनैला जैसी बीमारी भी हो सकती है. थनैला बीमारी को पशुपालन में बड़े नुकसान के तौर पर देखा जाता है. 

लेकिन दूध निकालने वाली मिल्किंग मशीन (Milking Machine) मॉर्डन डेयरी का एक अहम हिस्सा मानी जाती है. अगर आपके पास 5 से ज्यादा गाय-भैंस हैं, तो यह मशीन आपके लिए बहुत जरूरी हो जाती है. दूध निकालने के लिए इस मशीन को इस्तेमाल करने के एक नहीं कई फायदे हैं. पैसा और वक्त दोनों ही बचने के साथ-साथ पशु संक्रमण से भी बचा रहता है. 

ये हैं मिल्किंग मशीन के फायदे 

समय बचता है

हाथ से दूध निकालने में काफी समय और मेहनत लगती है. मशीन की मदद से आप एक ही समय में कई पशुओं का दूध निकाल सकते हैं. हाथ से दूध निकालने में जहां 10-15 मिनट लगते हैं, मशीन वही काम 5-7 मिनट में कर देती है.

घट जाती है मजदूरों की संख्या

डेयरी की एक बड़ी परेशानी ट्रेंड और अच्छे स्टाफ का न मिलना भी है. वैसे भी आजकल अच्छे और कुशल ग्वालों का  मिलना मुश्किल हो गया है. लेकिन मिल्किंग मशीन आने के बाद मजदूरों की कमी होने पर भी अपना काम खुद आसानी से संभाला जा सकता है. इससे लेबर का खर्च भी कम होता है.

बनी रहती है दूध की शुद्धता-सफाई

हाथ से दूध निकालते समय धूल, बाल और पसीने की बूंद दूध में गिरने का डर लगातार बना रहता है. मशीन एक 'क्लोज्ड सिस्टम'  है, जिसमें दूध सीधे थनों से पाइप के जरिए बाल्टी या टैंक में जाता है. इससे दूध एकदम साफ रहता है और उसकी क्वालिटी भी बनी रहती है.

पशु को आराम भी मिलता है

अच्छी क्वालिटी की मिल्किंग मशीन प्राकृतिक तरीके से जैसे बछड़ा दूध पीता है ऐसे थनों पर दबाव डालती है. इससे पशु को दर्द भी नहीं होता और वह तनाव मुक्त होकर पूरा दूध देता है. इससे थनों में गांठ बनने या चोट लगने का खतरा भी नहीं रहता है.

बना रहता है दूध उत्पादन 

जब अलग-अलग लोग हाथ से दूध निकालते हैं, तो उनके निकालने का तरीका अलग होता है, जिससे पशु कभी कम तो कभी ज्यादा दूध देता है. मशीन का पल्सेशन हमेशा एक जैसा रहता है, जिससे पशु हर रोज पूरा दूध देता है.

मशीन के इस्तेमाल बरती जानें वाली सावधानियां

मशीन के पाइप और कप को हर बार इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह गर्म पानी और कीटाणुनाशक से साफ करना बहुत जरूरी है, वरना थनैला (Mastitis) रोग का खतरा हो सकता है.
अगर आप बिजली वाली मशीन ले रहे हैं, तो आपके पास इन्वर्टर या जनरेटर की सुविधा होनी चाहिए, ताकि बिजली कटने पर दूध निकालने में दिक्कत न आए.
हमेशा अच्छी कंपनी की मशीन लें जिसकी सर्विस आपके पास उपलब्ध हो.

ये भी पढ़ें- Egg Rate: बाजार में पहली बार 8 से 12 रुपये तक का बिक रहा अंडा, ये है बड़ी वजह

ये भी पढ़ें- Egg Testing: अंडा खरीद रहे हैं तो भूलकर भी न करें ये काम, ऐसे जांचें अंडे की क्वालिटी

MORE NEWS

Read more!