Fodder: गाय-भैंस ही नहीं, भेड़-बकरी को भी बांझ बना रही है चारे में 9 चीजों की कमी

Fodder: गाय-भैंस ही नहीं, भेड़-बकरी को भी बांझ बना रही है चारे में 9 चीजों की कमी

दूध उत्पादन के मामले में भारत विश्व में पहले नंबर पर है. बीते साल 23 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ था. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि ये आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है. लेकिन बांझपन समेत पशुओं में बहुत सारी ऐसी परेशानियां हैं जिनके चलते वो ना तो बच्चा देते हैं और ना ही दूध दे पा रहे हैं. 

पशुओं को खिलाएं ये चारापशुओं को खिलाएं ये चारा
नासि‍र हुसैन
  • NEW DELHI,
  • Sep 24, 2024,
  • Updated Sep 24, 2024, 1:27 PM IST

एनिमल न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉ. दिनेश भोंसले की मानें तो देश में 30 करोड़ दुधारू पशु हैं. लेकिन उसमे से सिर्फ 10 करोड़ पशु ही दूध देते हैं. बाकी के 20 करोड़ पशुओं के दूध ना देने के पीछे की वजह पशुओं के प्रजनन से जुड़ी हुई है. हाल ही में एनिमल एक्सपर्ट के हवाले से कहा गया है कि चारे में पौष्टि‍कता कम हो रही है. जरूरी पोषक तत्व तेजी से कम हो रहे हैं. इसके चलते पशुओं में बांझपन की शि‍कायत आ रही है. 

एक्सपर्ट ने चारे में कई ऐसे पोषक तत्वों की कमी का खुलासा किया है जिसके चलते पशुओं में बीमारी पनप रही है. गौरतलब रहे जब तक पशु गाभि‍न नहीं होगा और बच्चा नहीं देगा तो वो दूध देने लायक भी नहीं होगा. बच्चा देने के बाद ही गाय-भैंस दूध देती हैं. 

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चारे में तेजी से बढ़ रही है ये परेशानी

चारा एक्सपर्ट डॉ. वाईएस ने बताया कि मौजूदा वक्त में पशुओं के लिए जो हरा चारा उगाया जा रहा है उसमे बहुत तेजी से कैल्शियम, फासफोरस, मैगनीज, जिंक, आयरन, कोबाल्ट, मैगेनेशियम, मिनरल, विटामिन आदि की कमी महसूस की जा रही है. जबकि पशु विज्ञान ये कहता है कि दूध ना देने वाले पशु को जीवन यापन के लिए और दूध देने वाले पशु को उत्पादन बढ़ाने समेत उसकी क्वालिटी बनाने के लिए हरा और सूखा चारा समेत मिनरल्स की बहुत जरूरत होती है. क्योंकि इसमे वो सभी पोषक तत्व होते हैं जिसकी जरूरत एक दुधारू पशु को होती है, फिर वो पशु चाहें गाय-भैंस हो या भेड़-बकरी. पोषक तत्वों से पशु का सिर्फ दूध उत्पादन ही नहीं बढ़ता है, इन्हीं पोषक तत्वों के चलते ही पशु हेल्दी रहता है और उसमे बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है. 

इसलिए कमजोर पड़ रहा है हरा चारा 

चारा एक्सपर्ट बताते हैं कि हरे चारे में पोष्िकरक तत्वों की कमी कोई एक-दो दिन में नहीं आई है. धीरे-धीरे लगातार चारे में ये कमी बढ़ती जा रही है. और इसकी सबसे बड़ी वजह है चारे की फसल में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल युक्त खाद और पेस्टिसाइड. आज जल्द से जल्द और ज्यादा से ज्यादा उपज लेने के लिए जमकर पेस्टिीसाइड का इस्तेमाल हो रहा है. और इसी सब के चलते ही हरा चारा अपनी पौष्टिमकता खो रहा है. 

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दूध में कम हो रहा कैल्शियम

डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि अब गाय-भैंस हो या भेड़-बकरी उनके दूध में लगातार कैल्शि यम की कमी देखी जा रही है. हालांकि कम पौष्टि कता वाला चारा दूध को और भी कई तरह से प्रभावित कर रहा है. लेकिन खासतौर पर कैल्शिषयम की कमी के चलते दूध पीने वालों की सेहत पर भी इसका खासा असर पड़ रहा है. यही वजह है कि पशु चिकित्सक खासतौर पर दूध देने वाले पशुओं को मिनरल मिक्चर खि‍लाने की सलाह दे रहे हैं. 
 

 

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