UP: मछली पालन से जुड़ी योजनाओं में गड़बड़ी, योगी सरकार के मंत्री डॉ संजय निषाद ने लिया बड़ा एक्शन

UP: मछली पालन से जुड़ी योजनाओं में गड़बड़ी, योगी सरकार के मंत्री डॉ संजय निषाद ने लिया बड़ा एक्शन

UP News: मंत्री निषाद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. आम जनता को होने वाली किसी भी परेशानी का सरकार के संज्ञान में आते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है. उन्होंने बताया कि कानपुर प्रकरण में अधिकारियों की लगातार शिकायतें मिल रही थी.

योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं- मंत्री डॉ संजय निषाद योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं- मंत्री डॉ संजय निषाद
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Feb 18, 2026,
  • Updated Feb 18, 2026, 9:41 AM IST

उत्तर प्रदेश में मछुआ समाज की योजनाओं में भ्रष्टाचार पर मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने मंगलवार देर शाम बड़ा एक्शन लिया है. कानपुर मंडल की उपनिदेशक सुनीता वर्मा समेत मंडलीय कार्यालय के श्रेणी-1, 2, 3 व 4 के सभी कर्मचारियों को मुख्यालय से अटैच किया है. साथ ही सहायक निदेशक मत्स्य, कानपुर कार्यालय के श्रेणी-1, 2, 3 व 4 के कर्मचारियों को भी मुख्यालय से अटैच किया गया है. इसके अलावा सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय में तैनात SFI सुनील कुमार को निलंबित कर दिया है.

मछुआ समाज के हक पर समझौता नहीं

योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने बताया कि शासन द्वारा लखनऊ मंडल की उपनिदेशक सृष्टि यादव, जो मत्स्य विभाग की तेज-तर्रार अधिकारियों में आती हैं, उन्हें कानपुर मंडल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया. साथ ही 2021 बैच के सहायक निदेशक मत्स्य, बुलंदशहर जितेंद्र कुमार को जनपद कानपुर समेत कानपुर मंडल के सभी जनपदों के आहरण-वितरण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया.

योगी सरकार का जीरो टॉलरेंस साफ संदेश

मंत्री निषाद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. आम जनता को होने वाली किसी भी परेशानी का सरकार के संज्ञान में आते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है. उन्होंने बताया कि कानपुर प्रकरण में अधिकारियों की लगातार शिकायतें मिल रही थी और इसकी प्रारंभिक जांच में पाया गया कि SFI सुनील कुमार शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे थे तथा भ्रष्टाचार में संलिप्तता पाई गई.

योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं 

इसके साथ ही मंडलीय अधिकारी भी उन्हें प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रहे थे. इसी के चलते सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मंडलीय एवं जनपदीय कार्यालयों के समस्त स्टाफ को मुख्यालय से अटैच किया गया है.

ये भी पढ़ें-

Infertility in Animal: गाय-भैंस को बांझपन से बचाने के लिए खि‍लाएं ये 5 चीजें, वक्त से मिलेगा दूध और बच्चा

Success Story: कोर्ट की जिरह नहीं, अब खेतों में क्रांति: वकील बेटी ने 'पिंजरा पद्धति' से बदली भेड़ पालन की तस्वीर

MORE NEWS

Read more!