
आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के एक्वाकल्चर सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती, भीमवरम, काकीनाडा, विशाखापट्टनम, कृष्णपट्टनम और नेल्लोर को जोड़ने वाले एक विशेष एक्वा कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की है. सरकार का मानना है कि यह कॉरिडोर राज्य को देश का सबसे बड़ा और आधुनिक एक्वाकल्चर हब बनाने में मदद करेगा.
विशाखापत्तनम में आयोजित सीफूड एक्सपोर्ट पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश पहले से ही मछली और झींगा उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल है. अब सरकार इस क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नई तकनीकों, रिसर्च, इनोवेशन और वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दे रही है.
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि प्रस्तावित एक्वा कॉरिडोर केवल परिवहन और व्यापार का माध्यम नहीं होगा, बल्कि यह एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करेगा जहां एक्वाकल्चर से जुड़े रिसर्च संस्थान, स्टार्टअप, इनोवेशन सेंटर, प्रोसेसिंग यूनिट और निर्यात सुविधाएं एक साथ विकसित होंगी. इससे उद्योग को नई दिशा मिलेगी और किसानों, मछली पालकों और उद्यमियों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे. CM नायडू ने बताया कि सरकार का लक्ष्य समुद्री उत्पादों की क्वालिटी बढ़ाने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग के अनुरूप तैयार करने का है. इसके लिए आधुनिक प्रोसेसिंग सुविधाओं और कोल्ड चेन नेटवर्क को भी मजबूत किया जाएगा. उन्होंने कहा कि तकनीक और अनुसंधान के बेहतर उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादों की क्वालिटी में भी सुधार किया जा सकता है.
सीएम नायडू ने इस अवसर पर 'आंध्र श्रिम्प, इंडिया सीफूड' ब्रांड को बढ़ावा देने की योजना का भी ऐलान किया है. उनका कहना है कि एक मजबूत ब्रांड पहचान से भारतीय समुद्री उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी और निर्यात में वृद्धि होगी. उन्होंने उद्योग जगत, निर्यातकों और सरकारी एजेंसियों से मिलकर काम करने की अपील की है, ताकि भारत की हिस्सेदारी वैश्विक सीफूड बाजार में और बढ़ाई जा सके. ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह एक्वा कॉरिडोर योजना सफल होती है तो इससे न केवल सीफूड उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी होगी, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे. साथ ही आंध्र प्रदेश देश के एक्वाकल्चर और सीफूड निर्यात क्षेत्र में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत कर सकेगा.
यह दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत मत्स्य विभाग द्वारा आयोजित की जा रही है. कार्यशाला में देशभर के विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और निर्यातक भाग ले रहे हैं.