
झारखंड के गोड्डा से जुड़ी एक खबर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रही है. खबर बसंतराय प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मेदनीचक में दिए जाने वाले मिड-डे-मील (एमडीएम) से जुड़ी हुई है. खबर के वायरल होते ही एमडीएम में दिए जाने वाले खाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. ताजा मामला एमडीएम में दिए गए अंडे से जुड़ा है. स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों का आरोप है कि जो उबला अंडा खाने में दिया गया उसके अंदर चूजे का भ्रूण था. ये जानकारी होते ही अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया है. हालांकि पोल्ट्री एक्सपर्ट इससे इंकार कर रहे हैं.
एक्सपर्ट की मानें तो ये मुमकिन ही नहीं है कि एमडीएम में सप्लाई होने वाले अंडे में चूजा हो. ऐसा कहने के पीछे एक्सपर्ट कई तरह के तर्क भी दे रहे हैं. वहीं घटना की जांच के आदेश भी हो गए. जांच से पहले स्कूल में हुए विवाद से जुड़े वीडियो की तलाश की जा रही है. ऐसा आरोप है कि जिस अंडे को लेकर हंगामा हुआ था, उसे स्कूल के टीचर ने फेंक दिया है.
किसान तक ने जब इस संबंध में पोल्ट्री एक्सपर्ट नवाब अली से बात की तो उन्होंने बताया कि जिस तरह से अंडे और चिकन के पोल्ट्री फार्म होते हैं उसी तरह से हैचिंग के अलग पोल्ट्री फार्म होते हैं. हैचिंग फार्म में मुर्गे-मुर्गियों से वो अंडे लिए जाते हैं जिसमे से चूजे निकलते हैं. यही चूजे अंडे और चिकन के लिए संचालित पोल्ट्री फार्म वालों को बेच दिए जाते हैं. किसी भी हाल में हैचिंग फार्म से चूजे वाला अंडा फार्म से बाहर नहीं आता है. इसलिए एमडीएम में चूजे वाला अंडा पहुंचने का सवाल ही नहीं उठता है.
पोल्ट्री एक्सपर्ट ने ये भी बताया कि बाजार में जो हम 7 से 8 रुपये का एक सफेद अंडा खरीदते हैं उसमे चूजा नहीं होता है. क्योंकि जो मुर्गी इस अंडे को देती है तो उसके केज (पिंजरे) में कोई मुर्गा नहीं होता है. ये मुर्गी फीड यानि दाना खाकर अंडा देती है. और दूसरी बात ये कि हैचिंग फार्म के जिस अंडे से चूजा निकलता है तो वो 20 से 30 रुपये का आता है. जबकि एमडीएम में 7 से 8 रुपये वाला अंडा सप्लाई होता है.
फैमिली फिजिशियन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. रमन कुमार का कहना है कि अगर किसी अंडे में चूजे का भ्रूण था और उसे ठीक से उबाल लिया गया है तो फिर उसे खाने में कोई परेशानी नहीं है. मेडिकल ग्राउंड पर हम कह सकते हैं कि बच्चे अगर ऐसा अंडा खा लेते हैं तो उसका कोई भी नुकसान बच्चों के शरीर को नहीं होगा. बस जरूरत इस बात की है कि अंडा अच्छी तरह से उबल जाना चाहिए.
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