Hardware Disease: हार्डवेयर बीमारी की वजह से भी कम हो जाता है गाय-भैंस का दूध

Hardware Disease: हार्डवेयर बीमारी की वजह से भी कम हो जाता है गाय-भैंस का दूध

Hardware Disease गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी (गडवासु), लुधियाना इस पर काम भी कर रहा है. पशु चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. अश्विनी कुमार का कहना है कि डेयरी पशुओं में हार्डवेयर रोग की घटनाएं समय के साथ बढ़ रही हैं. यूनिवर्सिटी में आने वाले केसों से भी इसका प्रमाण मिलता है. लेकिन यूनिवर्सिटी में इसके इलाज की पूरी सुविधा है.

Advertisement
Hardware Disease: हार्डवेयर बीमारी की वजह से भी कम हो जाता है गाय-भैंस का दूधराजस्‍थान में गोवंश के नाम पर करोड़ाें का घोटाला. (Photo: Sharat Kumar/ITG)

गाय-भैंस अचानक से दूध देना कम कर दे. उसकी ग्रोथ भी रुक जाए. भूख भी कम लगने लगे. और अगर इस दौरान शरीर में दर्द और बुखार जैसी परेशानियां लगातार सामने आने लगे तो समझ जाएं कि गाय-भैंस को हार्डवेयर बीमारी हुई है. बेशक सुनने में ये अजीब लगती हो, लेकिन नाम के मुताबिक इसकी वजह के पीछे लोहे के पुर्जे ही हैं. गाय-भैंस जब कुछ खाते हैं तो कभी-कभी कील, तार, प्लास्टिक या कंक्कड़-पत्थर खा लेते हैं. और इसका नतीजा ये होता है कि एक-एक करके ये सब चीजें पशु के पेट के ही हिस्से रेटिकुलम में जमा हो जाते हैं. इतना ही नहीं, कई दफा तो नुकीले आइटम अंदरुनी अंगों को भी नुकसान पहुंचाते हैं. 

एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि कृषि और डेयरी क्षेत्रों में खेती के बढ़ते मशीनीकरण के साथ-साथ निर्माण उद्योग के कारण डेयरी पशुओं में हार्डवेयर रोगों की घटनाएं बढ़ रही हैं. एनिमल हॉस्पि टल में भी लगातार ऐसे केस सामने आ रहे हैं. इसके चलते पशुपालक को तो पशु हानि हो होती ही है, साथ में उत्पादन पर भी इसका असर पड़ता है. इलाज के साथ-साथ इससे बचाव के उपाय भी हैं. वो भी एकदम साइंटीफिक. हार्डवेयर रोग से बचाव के लिए गाय-भैंस के पेट में चुम्बक रखना भी एक ऐसा ही उपाय है.

हार्डवेयर बीमारी से बचाने का तरीका 

एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो हार्डवेयर रोग से गाय-भैंस को बचाने के लिए जरूरी है कि एक दो से ढाई सेंटीमीटर का गोल चुम्बक हम उसके पेट में उतार दें. पशु चिकित्स्क की सलाह पर पशुपालक ये काम अपने घर पर भी कर सकते हैं. ये चुम्बक पेट में जाने के बाद पशु को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है. अब गाय-भैंस मैटल की जो भी चीज खाती है तो वो पेट के रास्ते में इस चुम्बक से चिपक जाती है. चुम्बक से चिपकने के बाद मैटल कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है.

लेकिन फिर भी पशु की निगरानी करते रहना चाहिए कि चुम्बक रखने के बाद उसके व्यवहार और उत्पादन में कोई फर्क तो नहीं आ रहा है. जब भी कोई फर्क नजर आए तो फौरन गाय-भैंस का एक्सरे करा लें. अगर एक्सरे से ये मालूम हो जाए कि चुम्बक के साथ मैटल की बहुत सारी चीजें आकर चिपक गई हैं तो ऑपरेशन करा लें. ये एक बहुत छोटी सी सर्जरी होती है. पशु की स्टैंडिंग पोजिशन में ही सर्जरी कर दी जाती है. 

इसलिए बढ़ रही है हार्डवेयर बीमारी 

इस बीमारी के होने के वैसे तो बहुत सारे कारण ऊपर बताए जा चुके हैं. लेकिन जो सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कारण है वो ये है कि पशु पहले ज्यादा बाहर जाकर चारा चरते थे. इस दौरान वो अपने दांतों का इस्तेमाल कर चारा खाते थे. लेकिन अब पशु बाहर खुले में कम जाते हैं और स्टॉल फीड ज्यादा करते हैं. और स्टॉल पर चारा खाने के दौरान पशु दांतों का कम जीभ का इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें पता ही नहीं चल पाता है कि चारे के साथ वो मैटल का कोई आइटम भी खा रहे हैं. गौरतलब रहे स्टॉल पर चारा खाने के दौरान पशु चारे और मिनरल्स को पहले चबाने के बजाए निगल लेता है. और जब फुर्सत में होता है तो उस चारे की जुगाली करता है.  

ये भी पढ़ें-

Milk Adulteration: दूध में पानी मिलाया है या पूरा दूध ही सिंथेटिक है, खुद से ऐसे करें जांच 

Goat Farming: तेजी से बढ़ रही है बकरी पालन करने वालों की संख्या, ये हैं वो 20 वजह

POST A COMMENT