Tips for Fish Growth: गर्मियों में मछलियों को वजनदार बनाने के लिए अपनाएं ये तीन एक्सपर्ट टिप्स 

Tips for Fish Growth: गर्मियों में मछलियों को वजनदार बनाने के लिए अपनाएं ये तीन एक्सपर्ट टिप्स 

Tips for Fish Growth फिशरीज एक्सपर्ट की मानें तो हर प्रजाति‍ की मछली अपने व्यवहार के हिसाब से तालाब में अपनी तय जगह पर रहती है. क्योंकि सबकी आदतें अलग होती हैं, जैसे वो तालाब में कहां रहेंगी, तालाब में दाना डाला जा रहा है तो वो उसे खाने कहां आएंगी.

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • May 07, 2026,
  • Updated May 07, 2026, 8:00 AM IST

गर्मियों में मछलियों का वजन बढ़ाना मछली पालकों के लिए एक बड़ी चुनौती होता है. ऐसा भी नहीं है कि गर्मी में मछलियों का वजन नहीं बढ़ता है. वजन तो बढ़ता है, लेकिन एक ही तालाब की होने के बाद किसी मछली का वजन तेजी से बढ़ जाता है तो कोई वजन के मामले में एकदम कमजोर रह जाती है. फिशरीज एक्सपर्ट के मुताबिक इसकी कई वजह हो सकती हैं, लेकिन एक सामान्य वजह ये भी है कि जब मछली पालक दाना (फिश फीड) तालाब में डालते हैं तो वो सभी मछलियों तक बराबर नहीं पहुंचता है. क्योंकि गर्म हवा और गर्म पानी के चलते मछलियां तालाब में अपनी जगह बदलती रहती हैं. 

और ड्रोन को छोड़कर और कोई ऐसा तरीका नहीं है जिससे दाने को तालाब में सभी जगह एक साथ डाला जा सके. इसीलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए मछलियों को तालाब में दाना खि‍लाना चाहिए. इससे होगा ये कि मछली तालाब के किसी भी हिस्से में हो, लेकिन उसे दाना अपनी ही जगह पर मिल जाएगा. जबकि हाथ से दाना तालाब में डालने पर वो सिर्फ किनारे पर ही रह जाता है. 

तालाब के बीच में भी मछलियों को मिले दाना 

फिशरीज एक्सपर्ट का कहना है कि बाजार में रोहू मछली बहुत पसंद की जाती है. इसके मीट में बहुत स्वा द होता है. इसका मीट नरम भी होता है. यूपी, दिल्लीछ-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थाेन में रोहू की डिमांड पूरी करने के लिए तालाबों में रोहू मछली खूब पाली जाती है. जब तालाब में मछलियों के लिए दाना डाला जाता है तो रोहू तालाब की तली से दो फुट ऊपर और तालाब की सतह से दो फुट नीचे बीच में आकर दाना खाती है. 

तालाब की तली में दाना पहुंचना है जरूरी  

नरेन मछली को नॉर्थ इंडिया में नैनी के नाम से भी जाना जाता है. पेट भरने के लिए नैनी तालाब के तले में रहकर ही इंतजार करती है. बेशक मछली पालक दाना डालने में कितनी ही देर कर दे, लेकिन नैनी तालाब की सतह पर जाकर दाने की तलाश नहीं करती है. वैसे भी नैनी को तालाब की तली में ही रहना ज्याबदा पसंद है. 

पानी की सतह पर भी चाहिए दाना 

नॉर्थ इंडिया में रोहू के बाद खाने के लिए अगर किसी और मछली को पसंद किया जाता है तो वो कतला है. फिश फ्राई में भी कतला मछली का खासा चलन है. बाजार में एक से डेढ़ किलो वजन की कतला मछली हाथों-हाथ बिकती है. लेकिन अपना पेट भरने के लिए कतला तालाब की सतह पर ही रहकर इंतंजार करती है.  

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