MP में शुरू होगी नई ‘श्वेत क्रांति’! गौपालकों को ₹100 करोड़ की सौगात, 50 लाख लीटर दूध का लक्ष्य

MP में शुरू होगी नई ‘श्वेत क्रांति’! गौपालकों को ₹100 करोड़ की सौगात, 50 लाख लीटर दूध का लक्ष्य

भोपाल में राज्यस्तरीय गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालकों के लिए कई बड़े ऐलान किए. प्रदेश में 168 नई गौ-एम्बुलेंस, उत्कृष्ट गौपालकों के लिए ₹1 लाख तक पुरस्कार और दूध उत्पादन को बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया.गौशालाओं और पशुपालकों को करीब ₹100 करोड़ की सहायता भी दी गई.

धर्मेंद्र सिंह
  • Bhopal ,
  • Oct 03, 2026,
  • Updated Oct 03, 2026, 8:19 PM IST

मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े ऐलान किए हैं.भोपाल के भेल दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित राज्यस्तरीय गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के गौपालकों और पशुपालकों के लिए कई योजनाओं और विकास कार्यों की शुरुआत की.

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि पशुधन और दुग्ध उत्पादन किसानों और गौपालकों की आर्थिक समृद्धि का प्रमुख आधार है.उन्होंने मध्य प्रदेश के गौपालकों से प्रदेश में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने की अपील की.

सम्मेलन के दौरान 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया गया.इसके अलावा पशुपालकों और गौशालाओं को करीब 100 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित की गई.

50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में नई श्वेत क्रांति की शुरुआत हो रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं गौपालक हैं और उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है.उन्होंने प्रदेश के गौपालकों से अगले तीन वर्षों में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिल्क प्रोसेसिंग और डेयरी उत्पादों का इकोसिस्टम भी विकसित किया जा रहा है.इससे किसानों और पशुपालकों को दूध के साथ-साथ दही, मक्खन, पनीर और दूसरे उत्पादों से भी आय के अवसर मिलेंगे.

उज्जैन में बनेगा 255 करोड़ का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट

सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन किया.इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की होगी.इसके अलावा भोपाल में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया गया.

भोपाल में ही 12.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का भी लोकार्पण हुआ. शिवपुरी में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य की शुरुआत की गई.

पशुपालकों और गौशालाओं को करीब 100 करोड़ की सहायता

राज्यस्तरीय सम्मेलन में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालक सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये की लाभांश यानी बोनस राशि दी गई.वहीं प्रदेश की गौशालाओं को गौवंश के संरक्षण और आहार आदि के लिए 88 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई.कुल मिलाकर सम्मेलन में पशुपालकों और गौशालाओं को करीब 100 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई.

कार्यक्रम के दौरान पांच गौपालक दीदियों और सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादन करने वाली समिति के सदस्यों को सम्मानित भी किया गया. इसके साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के दो हितग्राहियों को स्वीकृति आशय-पत्र प्रदान किए गए.

प्रदेश में चलेंगी 168 नई गौ-एम्बुलेंस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गौपालकों और पशुधन के लिए कई नई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 406 गौ-एम्बुलेंस संचालित हैं.अब इसमें 168 नई गौ-एम्बुलेंस जोड़ी जाएंगी.इससे घायल, बीमार और जरूरतमंद गौवंश तक पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी.

उत्कृष्ट गौपालकों को मिलेगा एक लाख रुपये का पुरस्कार

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 313 ब्लॉकों के वृंदावन ग्रामों में उत्कृष्ट गौपालकों की प्रतियोगिता आयोजित करने की घोषणा की.प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले गौपालकों को पुरस्कार दिया जाएगा.

- प्रथम पुरस्कार: 1 लाख रुपये

- द्वितीय पुरस्कार: 50 हजार रुपये

- तृतीय पुरस्कार: 25 हजार रुपये

सरकार का उद्देश्य बेहतर नस्ल के पशुपालन, दूध उत्पादन और गौपालन को प्रोत्साहित करना है.

उन्नत नस्ल के पशुओं के लिए लगेंगे बड़े मेले

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उन्नत दुधारू नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने के लिए जगह-जगह पशुपालकों के बड़े मेले आयोजित किए जाएंगे.उन्होंने कहा कि गिर और साहीवाल जैसी उन्नत नस्लों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा.बेहतर नस्ल के पशुओं से दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि करने की दिशा में काम किया जाएगा.

50 एकड़ में नस्ल सुधार कार्यक्रम

अमित शाह ने मध्य प्रदेश में करीब 50 एकड़ भूमि पर गाय और भैंसों की नस्ल सुधार के लिए शुरू किए जा रहे कार्यक्रम की सराहना की.उन्होंने कहा कि नस्ल सुधार, आधुनिक प्रजनन तकनीक और बेहतर पशु आहार के जरिए दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है.उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश के दूध उत्पादन को बढ़ाकर प्रतिदिन 50 लाख लीटर करना है.

दूध बेचने में बिचौलियों की भूमिका कम करने पर जोर

अमित शाह ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से दूध बेचने से पशुपालकों को बेहतर दाम मिल सकता है. उन्होंने दावा किया कि बिचौलियों को दूध बेचने पर उत्पादकों को करीब 35 रुपये प्रति लीटर मिलते हैं, जबकि सहकारी समितियों के माध्यम से करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक का दाम मिल सकता है.उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दूध उत्पादकों को सीधे सहकारी व्यवस्था से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके.

'सहकार से समृद्धि' के जरिए सोविंद डेयरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अलग से सहकारिता मंत्रालय बनने का सबसे अधिक लाभ पशुपालकों को मिला है. केंद्र सरकार गांवों में नई डेयरी सहकारी समितियां बनाने और मौजूदा समितियों को मजबूत करने पर काम कर रही है.उन्होंने बताया कि देश में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां बनाने और करीब 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है.मध्य प्रदेश को इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला राज्य बताया गया.

देश में दूध उत्पादन में भारत पहले स्थान पर

अमित शाह ने कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश है.उनके अनुसार वर्ष 2013-14 में देश का कुल दूध उत्पादन करीब 14.07 करोड़ टन था, जो बाद के वर्षों में बढ़कर 25 करोड़ टन से अधिक हो गया.उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में भी वृद्धि हुई है और यह करीब 485 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन तक पहुंच गई है.दूध उत्पादन के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं.

मध्य प्रदेश दूध उत्पादन में देश का तीसरा बड़ा राज्य: CM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अब दूध उत्पादन के मामले में देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में और आगे ले जाना है.मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का परिवार है और राज्य में 6 करोड़ से अधिक पशुधन है.

उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत 17 विभागों को एक साथ जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने पर काम किया जा रहा है.गौपालन, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन को किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है.

प्रदेश में 3,500 गौशालाएं, 5 लाख से ज्यादा गौवंश का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 3,500 गौशालाएं हैं, जिनमें 5 लाख से अधिक गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में वृंदावन ग्राम विकसित किए जा रहे हैं.इन ग्रामों में उन्नत नस्ल के पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है.

नगर निगम क्षेत्रों में संचालित गौशालाओं के लिए अनुदान भी 20 रुपये प्रति गाय से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गाय किए जाने की जानकारी दी गई.

कामधेनु योजना के तहत 10 लाख रुपये तक सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि योजना के तहत 25 गाय पालने के लिए 40 लाख रुपये तक का ऋण लेने पर सरकार की ओर से 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है.सरकार का उद्देश्य बड़े स्तर पर पशुपालन को प्रोत्साहित कर युवाओं और किसानों के लिए आय का स्थायी स्रोत तैयार करना है.

गोबर से बनेगा रोजगार और अतिरिक्त आय का मॉडल

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने डेयरी अर्थव्यवस्था को केवल दूध उत्पादन तक सीमित न रखते हुए गोबर के उपयोग पर भी जोर दिया.उन्होंने कहा कि गोबर से बायोगैस, जैविक खाद और दूसरे उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं.इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर पैदा होंगे.

उन्होंने कहा कि गोबर के वैज्ञानिक संग्रह, स्वच्छ ऊर्जा निर्माण और ग्रामीण रोजगार से जुड़े मॉडल विकसित किए जा रहे हैं. मध्य प्रदेश के गांवों तक ऐसे मॉडल पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा.

'श्वेत क्रांति 2.0' पर सरकार का फोकस

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में 'श्वेत क्रांति 2.0' की शुरुआत हो चुकी है. इसका उद्देश्य डेयरी सहकारिता को मजबूत करना, दूध उत्पादन बढ़ाना, पशुओं की नस्ल सुधारना, मिल्क प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है.

मध्य प्रदेश में भी इसी दिशा में दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने और दूध कलेक्शन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन गांवों में अभी तक दुग्ध सहकारी समितियां नहीं हैं, वहां भी समितियां गठित की जाएंगी.प्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कुल छह दुग्ध सहकारी संघ संचालित हैं.

 

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