
गुजरात के जूनागढ़ जिले में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले नकली दूध के कारोबार का खुलासा हुआ है. जूनागढ़ क्राइम ब्रांच ने डूंगरपुर गांव के चांदनी चौक इलाके में चल रहे एक कथित नकली दूध निर्माण केंद्र पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में दूध बनाने का कच्चा माल और तैयार नकली दूध बरामद किया है. मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि खाद्य विभाग ने दूध के नमूने जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेज दिए हैं.
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि चांदनी चौक क्षेत्र में रहने वाला इकबाल इब्राहिम चौहान अपने घर में पामोलिन तेल, दूध पाउडर और पानी का इस्तेमाल करके नकली दूध तैयार कर रहा है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने फूड इंस्पेक्टर के साथ संयुक्त कार्रवाई की और आरोपी के घर पर छापा मारा.
तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से तैयार नकली दूध, बड़ी मात्रा में दूध पाउडर और पामोलिन तेल मिला. प्राथमिक जांच में सामने आया कि इन सामग्रियों को मिलाकर डुप्लीकेट दूध तैयार किया जाता था और बाद में उसे असली दूध में मिलाकर बाजार में बेचा जाता था.
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह पिछले चार से पांच महीनों से इस काम में शामिल था. उसने बताया कि पामोलिन तेल, दूध पाउडर और पानी को एक निर्धारित अनुपात में मिलाकर नकली दूध तैयार किया जाता था. इसके बाद इस दूध को असली दूध में मिलाकर निजी डेयरियों तक पहुंचाया जाता था, जिससे उपभोक्ताओं के लिए इसकी पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता था.
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी हर दिन सुबह और शाम मिलाकर करीब 20 से 22 कैन दूध तैयार करता था. अनुमान के अनुसार यह मात्रा लगभग 800 से 880 लीटर प्रतिदिन के बीच थी. आरोपी इस दूध की सप्लाई नांगलपुर और नांदरखी क्षेत्र की कुछ निजी डेयरियों में करता था.
क्राइम ब्रांच और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में निम्नलिखित सामान बरामद किया गया-
करीब 35 लीटर तैयार नकली दूध
पामोलिन तेल के 13 डिब्बे
सागर ब्रांड दूध पाउडर के 50 पैकेट
अमूल दूध पाउडर के 5 बंडल
20 किलोग्राम खुला दूध पाउडर
बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 86,640 रुपये आंकी गई है.
फूड इंस्पेक्टर ने मौके से नकली दूध और अन्य सामग्री के नमूने लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं. वहीं जूनागढ़ तालुका पुलिस स्टेशन में मामले की स्टेशन डायरी में एंट्री भी दर्ज कर ली गई है.
अधिकारियों का कहना है कि FSL रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा कानूनों और अन्य संबंधित धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग या डेयरी संचालक इसमें शामिल थे या नहीं.
क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और संदिग्ध डेयरी उत्पादों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है.