यूपी में औसत से कम बारिश. (सांकेतिक फोटो)उत्तर प्रदेश में इस महीने के अंत तक मॉनसून की विदाई हो जाएगी. लेकिन जून से अब तक आधे से अधिक जिलों में सामान्य से भी कम बारिश हुई है. इससे धान की बंपर पैदावार को लेकर किसान चिंतित हो गए हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 37 में अब तक कम बारिश हुई है और सात में ज़्यादा बारिश हुई है. खास बात यह है कि राज्य के पश्चिमी, रोहिलखंड और मध्य इलाका इस अनियमित मॉनसून पैटर्न से बहुत अधिक प्रभावित हुए हैं. जलवायु वैज्ञानिक और केंद्रीय कृषि मंत्रालय के पूर्व सलाहकार सुमित सिंह व्यास का कहना है कि बारिश की फ्रीक्वेंसी में बदलाव के कारण कुछ दिनों में बहुत भारी बारिश होती है और कुछ दिनों में ही लगभग कोई बारिश नहीं होती.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सुमित सिंह व्यास ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंशिक रूप से कम दबाव वाले क्षेत्र ने सामान्य मॉनसून की प्रगति को प्रभावित किया है. उन्होंने कहा कि इससे मॉनसून के पैटर्न में असमान और अचानक बदलाव होता है. व्यास ने कहा कि इन बदलावों के कारण मॉनसून में देरी होती है और मॉनसून की फ्रीक्वेंसी में कमी आती है. उन्होंने बताया कि इससे मॉनसून का मौसम देरी से शुरू होता है और मौसम के दौरान कम दिनों में बारिश होती है. मॉनसून सीजन के पिछले 12 हफ्तों के आईएमडी डेटा के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केवल दो हफ्ते सामान्य बारिश हुई.
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व्यास ने कहा कि बारिश की फ्रीक्वेंसी में बदलाव के कारण कुछ दिनों में बहुत भारी बारिश होती है और कुछ दिनों में लगभग कोई बारिश नहीं होती. इसलिए एक क्षेत्र में एक ही दिन में उतनी बारिश हो सकती है जितनी आमतौर पर एक सप्ताह में होती है. ऐसी बारिश की घटनाओं से फसलों को अतिरिक्त नुकसान होता है और प्राकृतिक आपदाएं भी आ सकती हैं. यहां तक कि जिन जिलों में अपेक्षाकृत सामान्य बारिश हुई, वहां भी बारिश के अनियमित पैटर्न ने किसानों के लिए अपनी कृषि गतिविधियों की योजना बनाना मुश्किल बना दिया है.
हालांकि, इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश का शामली सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है, जहां सामान्य बारिश का सिर्फ़ 20.2 प्रतिशत ही बारिश हुई है. वहीं, गौतम बुद्ध नगर जिले में अब तक सामान्य बारिश का सिर्फ 20.9 प्रतिशत ही बरसात हुई है. आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, इसके बाद अमरोहा में 40.6 प्रतिशत, कुशीनगर में 41.3 प्रतिशत, चंदौली में 43.1 प्रतिशत, फतेहपुर में 43.6 प्रतिशत, सहारनपुर में 43.7 प्रतिशत, जौनपुर में 46 प्रतिशत और अमेठी में 48.4 प्रतिशत बारिश हुई है.
भाजपा विधायक और कृषि शिक्षा और अनुसंधान राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि किसान पहले ही इस मुद्दे को लेकर उनसे संपर्क कर चुके हैं. औलख ने कहा कि धान उगाने वाले तराई क्षेत्र के किसान बारिश की कमी से प्रभावित हुए हैं. कुछ किसान समूहों ने भी सहायता के लिए मुझसे संपर्क किया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने उन्हें कृषि नुकसान के मामले में राज्य सरकार से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है. पूरे राज्य में अब तक सामान्य बारिश का 88.5 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया है. अधिक वर्षा वाले जिले हैं औरैया (182.1 प्रतिशत), बलरामपुर (157.2 प्रतिशत), एटा (156.9 प्रतिशत), बस्ती (155.9 प्रतिशत), फिरोजाबाद (125.7 प्रतिशत), बरेली (122.6 प्रतिशत) और महराजगंज (120.3 प्रतिशत).
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