आज का मौसम (AI Image)भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के ओडिशा में बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है. वहीं, एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिणी आंतरिक ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन पिछले 6 घंटे में करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा है. शुक्रवार सुबह 8:30 बजे यह दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर मौजूद था. इसके अगले 12 घंटे तक डिप्रेशन के रूप में बने रहने की संभावना है. इसके बाद यह कमजोर होकर अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र यानी Well Marked Low Pressure Area में बदल सकता है.
इस सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी. कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है.
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर बढ़ सकता है. 26 से 28 सितंबर के बीच कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 26-27 सितंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 26 सितंबर को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 से 30 सितंबर के बीच बारिश की संभावना जताई गई है. राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश को लेकर खास चेतावनी दी है. 26-27 सितंबर के दौरान उत्तराखंड में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर के आसपास भी बेहद भारी बारिश की संभावना जताई गई है. हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है.
बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. हवा के झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में लोगों को खुले इलाकों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी जाती है.
मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा. पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 27 सितंबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है. छत्तीसगढ़ में 28 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश की संभावना है. इसके बाद भी छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में बारिश का दौर जारी रह सकता है. 26 सितंबर के आसपास छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भी चेतावनी है.
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है. बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई हिस्सों में 26 सितंबर तक बारिश हो सकती है. इसके बाद भी कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. 26 सितंबर को बिहार, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है. बिहार, झारखंड और ओडिशा में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की भी संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. छत्तीसगढ़ और आंतरिक ओडिशा में भी तेज हवाओं का असर रहेगा. यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे हवा की रफ्तार कम होने की संभावना है.
दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रहेगा. केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है. केरल और माहे में 26 सितंबर तक कई जगहों पर बारिश की संभावना है. तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश में भी कई जगहों पर बारिश हो सकती है. 29 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तटीय कर्नाटक में बारिश बढ़ सकती है.
बारिश और तेज हवाओं की इस स्थिति को देखते हुए किसानों को खेतों में खड़ी फसलों और कटाई के लिए तैयार फसल पर विशेष ध्यान देना चाहिए. तेज बारिश और हवा के दौरान खेतों में सिंचाई, कीटनाशक या अन्य कृषि कार्य करने से बचना बेहतर रहेगा. जिन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है, वहां मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है.
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