आंध्र प्रदेश में तूफान का प्रकोप (फोटो/एएनआई)आंध्र प्रदेश में गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का असर देखने को मिल रहा है. मंगलवार सुबह से राज्य के कई तटीय और शहरी इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. विजयवाड़ा, मछलीपट्टनम और गुंटूर समेत कई शहरों में लगातार बारिश के कारण सड़कें पानी में डूब गई हैं. कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव होने से यातायात प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. वहीं, मछुआरों को 4 नवंबर की सुबह तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने मंगलवार, 3 नवंबर को सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर दस्तक दी. तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि तेज झोंकों के साथ इसकी गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई.
आंध्र प्रदेश मौसम विभाग की निदेशक के. नागरत्ना ने बताया कि तूफान पिछले छह घंटों के दौरान 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा. उन्होंने बताया कि चक्रवात का लैंडफॉल सुबह करीब 5:30 बजे तक जारी था और इसे पूरी तरह से तट पार करने में एक से दो घंटे और लगने का अनुमान था.
चक्रवात के प्रभाव से विजयवाड़ा में सोमवार देर रात से बारिश शुरू हुई, जो मंगलवार सुबह तक जारी है. लगातार बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया. बंदर रोड और पॉलीक्लिनिक रोड समेत वन टाउन के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई. इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा.
वहीं, मछलीपट्टनम में सुबह से लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया. ओंगोल के पास कोठापटनम बीच क्षेत्र में भी भारी बारिश के साथ बेहद तेज हवाएं चलीं. गुंटूर में भी सुबह से हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया और मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ.
आंध्र प्रदेश मौसम विभाग की निदेशक के. नागरत्ना के मुताबिक, चक्रवात के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं, कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और मध्य तटीय आंध्र प्रदेश के एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है.
मौसम विभाग ने कृष्णा, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, एनटीआर और प्रकाशम जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.
IMD ने दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में समुद्र का पानी घुसने की आशंका भी जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 3 नवंबर की सुबह तक समुद्र में सामान्य ज्वार से करीब 1 से 1.5 मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठ सकती हैं. इसका सबसे अधिक प्रभाव बापटला क्षेत्र में रहने की संभावना है, जो कृष्णा और प्रकाशम जिलों के बीच स्थित है. इसके बाद तूफानी लहरों की ऊंचाई धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है.
के. नागरत्ना ने मछुआरों को 4 नवंबर की सुबह तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है. उन्होंने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर समुद्र में चलने वाले और तटीय क्षेत्रों में संचालित होने वाले कार्यों को भी फिलहाल रोकने के निर्देश दिए गए हैं. तूफान के कमजोर होने और मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद ही इन गतिविधियों को दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा.
चक्रवात के खतरे को देखते हुए एनटीआर जिले की कलेक्टर लक्ष्मी शाह ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को घर के अंदर रखने और दुकानों व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को मंगलवार को बंद रखने की सलाह दी है. कलेक्टर ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के साथ पूरी रात चक्रवात से पैदा होने वाली स्थिति की समीक्षा की.
मोगलराजपुरम इलाके में संभावित भूस्खलन के खतरे को देखते हुए कुछ परिवारों को एहतियात के तौर पर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. उन्होंने बताया कि बुडामेरू क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया, जहां उस समय तक किसी तरह की समस्या सामने नहीं आई थी. प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग और स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी ताजा सूचनाओं पर नजर रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात मुरासु उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता रहेगा. इसके प्रभाव में तूफान की ताकत धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है. मंगलवार दोपहर तक इसके कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है और झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.
IMD ने आगे बताया कि 3 नवंबर की आधी रात तक मुरासु के और कमजोर होकर गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है. उस समय हवा की गति 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. मौसम विभाग मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम स्थित डॉप्लर मौसम रडार के जरिए चक्रवात की लगातार निगरानी कर रहा है.
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