आंध्र में जल्‍द तट से टकराएगा नया चक्रवात! 100 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा, बहुत भारी बारिश का खतरा

आंध्र में जल्‍द तट से टकराएगा नया चक्रवात! 100 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा, बहुत भारी बारिश का खतरा

आंध्र प्रदेश पर एक बार फिर चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है. बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन 1 नवंबर तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और 2 नवंबर की शाम तक तट के पास पहुंचने का अनुमान है. IMD ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और 100 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है.

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आंध्र में जल्‍द तट से टकराएगा नया चक्रवात! 100 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा, बहुत भारी बारिश का खतराआंध्र में एक और चक्रवात का खतरा (AI Image)

चक्रवात अर्नब से हुई तबाही से आंध्र प्रदेश अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है कि राज्य पर एक और चक्रवात का खतरा मंडराने लगा है. बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र शनिवार सुबह डिप्रेशन में बदल गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम 1 नवंबर को चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचने की संभावना है. चक्रवात अर्नब ने एक हफ्ते से भी कम समय पहले आंध्र प्रदेश के पांच से छह तटीय जिलों में भारी तबाही मचाई थी. हजारों लोग अभी भी इस तूफान से हुए नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं. खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है. ऐसे में एक और संभावित चक्रवात की चेतावनी ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

आज बन सकता है चक्रवाती तूफान

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास बना चिह्नित निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए डिप्रेशन में तब्दील हुआ है. शनिवार को यह श्री विजयपुरम से करीब 330 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, कार निकोबार से 300 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम, चेन्नई से 1,140 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और मछलीपट्टनम से करीब 1,200 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था.

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज रविवार को दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है. सोमवार शाम तक इसके आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचने का अनुमान है.

इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों, यानम और रायलसीमा में रविवार को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. इस दौरान कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है.

2 और 3 नवंबर को कृष्णा, गुंटूर, एनटीआर, पलनाडु और बापटला जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है. वहीं, एलुरु, पश्चिम गोदावरी, प्रकाशम, नेल्लोर, नंद्याल, कडपा, अन्नामय्या और तिरुपति जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है.

तट के पास 100 KMPH पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

इस मौसम प्रणाली को लेकर सबसे बड़ी चिंता तटीय इलाकों में तेज हवाओं और समुद्र की खराब स्थिति को लेकर है. IMD के मुताबिक, 2 और 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इनके झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे (KMPH) तक पहुंचने की आशंका है. समुद्र में भी ऊंची लहरें उठने और स्थिति खराब रहने का अनुमान है. इस सिस्टम का असर तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है. इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. केरल और माहे में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी

आंध्र प्रदेश के साथ ओडिशा प्रशासन ने भी संभावित खतरे को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं. राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि दक्षिणी ओडिशा के संवेदनशील जिलों में अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने कहा, "हमने दक्षिणी ओडिशा के सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला मजिस्ट्रेटों के साथ चर्चा की है. इनमें खास तौर पर गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, नबरंगपुर और कंधमाल जिले शामिल हैं. आज की बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट शामिल हुए."

भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को निकाला जाएगा

सुरेश पुजारी ने कहा कि पहाड़ी और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई गई है. पिछले चक्रवात के दौरान पहाड़ियों और पर्वतीय क्षेत्रों के नीचे रहने वाले लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था. इसे ध्यान में रखते हुए इस बार तूफान आने से पहले ही संवेदनशील इलाकों को खाली कराने की तैयारी है.

उन्होंने कहा, "हमने भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं. लोगों ने भी चक्रवात आश्रय स्थलों में जाने पर सहमति जताई है. संबंधित जिलों के अधिकारियों को किसी भी संभावित चक्रवात से जुड़ी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं."

किसानों को फसल बर्बाद होने का सता रहा डर

लगातार दूसरे संभावित चक्रवात ने आंध्र प्रदेश के किसानों की चिंता बढ़ा दी है. चक्रवात अर्नब के कारण पहले ही कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा था. अब नए सिस्टम से भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका के बीच किसानों को खड़ी फसलों के बर्बाद होने का डर है. राज्य प्रशासन के सामने भी राहत और पुनर्वास कार्यों के साथ नए तूफान से निपटने की दोहरी चुनौती है. (अजय कुमार नाथ की रिपोर्ट)

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