बेमौसम बारिश के कारण टमाटर की फसल हुई बर्बाद, अब किसानों को है मुआवजे का इंतज़ार 

बेमौसम बारिश के कारण टमाटर की फसल हुई बर्बाद, अब किसानों को है मुआवजे का इंतज़ार 

महाराष्ट्र के वाशिम जिले में बेमौसम बारिश के कारण टमाटर की फसल का बड़े पैमाने पर नुकसान है. इसके अलावा जिले के पांगरी नवघरे गांव को वाशिम से जोड़ने वाले रास्ते पर बने पुल से बारिश का पानी गुजरने के कारण गांव का शहर से संपर्क टूट गया है. जिले में येलो अलर्ट जारी है. 

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बेमौसम बारिश के कारण टमाटर की फसल हुई बर्बाद, अब किसानों को है मुआवजे का इंतज़ार Tomato crop was ruined due to unseasonal rain

महाराष्ट्र में किसानों की समस्या बढ़ती जा ही जा रही है. पहले उपज का उचित दाम नहीं मिलने से किसान परेशान थे तो वहीं अब राज्य में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. अक्टूबर में क‍िसान सूखे से परेशान थे तो वहीं नवंबर में अत‍िवृष्ट‍ि ने समस्या बढ़ा दी है. ज्यादा बारिश के कारण फसलों का भारी नुकसान हुआ है. जिले के कारंजा कस्बे की सड़कों पर बेमौसम बारिश के पानी ने अपना कब्जा कर लिया है. शहर के मुख्य मार्गों पर रास्तों पर पानी बहने लगा है. ज‍िन रबी फसलों की बुवाई की गई थी उनके सड़ने की आशंका है. इसल‍िए राज्य के कई ह‍िस्सों में दोबारा बुवाई का संकट पैदा हो सकता है. उधर, जिले के पांगरी नवघरे गांव को वाशिम से जोड़ने वाले रास्ते पर बने पुल पर से बारिश का पानी गुजरने के कारण गांव का शहर से संपर्क टूट गया है. मौसम विभाग ने वाशिम जिले में येलो अलर्ट जारी किया हुआ है. ज‍िससे क‍िसानों की च‍िंता और बढ़ गई है. 

जिले जिले खंडाला गांव के किसान नारायण जयराम भोयर ने अपने दो एकड़ जमीन में टमाटर की खेती की थी. जिसमें उन्हें एक लाख रुपये तक का खर्च आया था. भोयर ने बताया कि कुछ समय में वो अपनी फसल की हार्वेस्टिंग करने वाले थे, लेकिन उसके पहले ही आसमानी आफत ने उसकी मेहनत पर पानी फेर दिया. भारी बारिश के कारण पूरी तैयार फसल नष्ट हो गई. लागत पानी में बह गई.  

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क‍िसानों को मुआवजे का इंतजार 

जिले के किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश में सारी फसल खराब हो गई हैं. जयराम भोयर ने बताया कि उन्हें टमाटर समेत अन्य सब्जियों की फसल खराब होने से कम से कम तीन लाख का नुकसान हुआ है. ऐसा ही नुकसान अन्य क‍िसानों का भी हुआ है. ऐसे में वो और अन्य किसान अब नुकसान झेल रहे हैं. उन्हें अब मुआवजे से उम्मीद है और उसी का इंतजार है. जिले में 300 एकड़ में टमाटर की खेती की जाती है. ऐसे में करोड़ों रुपये का नुकसान है. 

जिले में किसान तुअर की खेती भी खूब करते हैं. पिछले दो दिनों से बारिश ने जिले के कई किसानों को नुकसान पहुंचा है. देश में दालों का बहुत कम उत्पादन है. जबक‍ि दलहन के प्रमुख उत्पादक प्रदेश महाराष्ट्र में इतनी बार‍िश से इसकी फसल चपेट में आ गई है. इसल‍िए इसकी खेती प्रभाव‍ित होगी और दाल महंगी हो सकती है. पीड़ित किसान चाहते हैं क‍ि राज्य सरकार जल्द से जल्द पंचनामा करवाए. 

बारिश से मराठवाड़ा सबसे ज्यादा प्रभाव‍ित 

महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र पिछले दो दिनों में बेमौसम बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मराठवाड़ा में कुल 47 हजार 109 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों के खराब होने की बात सामने आई है.  जिसमें 24 हजार 855 हेक्टेयर में बागवानी जबकि 22 हजार 97 हेक्टेयर में रबी फसलों का नुकसान हुआ है. सबसे ज्यादा नुकसान छत्रपति संभाजी नगर जिले के किसानों को हुआ है. इस क्षेत्र में 26 और 27 नवंबर से बारिश हो रही है. बेमौसम और अतिवृष्टि से 598 गांव प्रभावित हुए हैं. जिसमें से अकेले छत्रपति संभाजीनगर के 509 और परभणी के 75 गांव शामिल हैं.)

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