दौसा में सब्जी मंडी में हुआ जलभराव (फोटो-एएनआई)राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में सोमवार को हुई भारी बारिश के बाद जयपुर और अलवर समेत कई जिलों में जलभराव की स्थिति बन गई. बारिश के कारण कई जगह यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा. NCR में आने वाले अलवर जिले के खैरथल-तिजारा में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया. किशनगढ़बास कस्बे के बाजार, सड़कें, आवासीय कॉलोनियां और निचले इलाके भी जलमग्न हो गए. जयपुर में भी बारिश का असर साफ दिखाई दिया. मोती डूंगरी रोड पूरी तरह पानी में डूब गई, जहां कार और दोपहिया वाहन पानी के बीच से गुजरते नजर आए. बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ.
दौसा जिले में सोमवार रात से बारिश का दौर शुरू हुआ, जो मंगलवार सुबह भी जारी रहा. लगातार बारिश के कारण हाईवे से जुड़ी सर्विस लेन, प्रमुख सड़कों और कई आवासीय कॉलोनियों में पानी जमा हो गया. बारिश के बाद कई जगह नगर परिषद की जल निकासी व्यवस्था पर भी असर दिखाई दिया. नालियां ओवरफ्लो होने लगीं और पानी सड़कों पर बहने लगा. स्थानीय कॉलोनियों में जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई. दौसा की आदर्श सब्जी मंडी में भी पानी भर गया. मंडी में कई जगह सब्जियां पानी में तैरती नजर आईं. इससे कारोबारियों को सब्जियों के खराब होने और नुकसान की चिंता बढ़ गई.
जयपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, भरतपुर, सवाई माधोपुर, दौसा और खैरथल-तिजारा में बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने पहले ही पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया था. मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल उत्तरी ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित है. इसके साथ ही मॉनसून ट्रफ अमृतसर, निजामाबाद और कम दबाव वाले क्षेत्र से होकर गुजर रही है.
इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से 24 से 26 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है.
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसून की स्थिति कमजोर रहने की संभावना है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित रह सकती हैं. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
लगातार बारिश से जहां शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई, वहीं किसानों ने इसे फसलों के लिए फायदेमंद बताया. खेतों में खड़ी फसलों के लिए यह बारिश उपयोगी मानी जा रही है. किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से फसलों को नई जान मिलेगी.
दौसा में बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली. तापमान में गिरावट के बाद मौसम सुहावना हो गया. हालांकि जलभराव वाले इलाकों में लोगों की परेशानी बनी रही. मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया है. जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. बच्चों और बुजुर्गों को जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. निचले इलाकों और तेज पानी के बहाव वाली जगहों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. (एजेंसी इनपुट के साथ)
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