बारिश ने बिगाड़ा किसानों का खेल!उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. लगातार बारिश के कारण शहर से लेकर गांव तक कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है. सड़कों और गांव के रास्तों पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई जगह खेत और खलिहान भी पानी में डूब गए हैं.
मुजफ्फरनगर में लगातार हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है. शहरी इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और ज्यादा मुश्किल हैं. गांवों के रास्तों पर कई जगह पानी जमा है, जिससे ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है. बारिश का सबसे ज्यादा असर खेतों में दिखाई दे रहा है. कई खेतों में कई फीट तक पानी भर गया है. इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है.
मुजफ्फरनगर के किसानों के लिए गन्ना सबसे महत्वपूर्ण फसलों में से एक है. लेकिन इस समय लगातार बारिश और तेज हवाओं ने गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया है. तेज हवाओं के कारण कई खेतों में गन्ने की फसल गिर गई है. वहीं जिन खेतों में गन्ना खड़ा है, वहां पानी भर जाने से फसल की बढ़वार प्रभावित होने लगी है. किसानों का कहना है कि खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहने से गन्ने की जड़ें कमजोर हो सकती हैं. गन्ने के गिर जाने के बाद उसकी सही तरीके से बढ़वार नहीं हो पाती. इससे आगे चलकर गन्ने का वजन भी प्रभावित हो सकता है और किसानों को फसल की लागत निकालने में परेशानी आ सकती है. किसान नितिन चौधरी के मुताबिक, इस समय बारिश की स्थिति इतनी खराब है कि अलग-अलग फसलों पर कम या ज्यादा असर पड़ रहा है. उनका कहना है कि गन्ने के खेत में पानी भरने के बाद गन्ना गिर जाता है और उसकी बढ़वार रुक जाती है. ज्यादा पानी के कारण गन्ने की जड़ों पर भी असर पड़ रहा है.
किसानों के मुताबिक, गन्ने की फसल के लिए खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहना नुकसानदायक हो सकता है. गन्ना गिरने के बाद उसे संभालना मुश्किल हो जाता है. वहीं पानी भरे रहने से उसकी जड़ें कमजोर होने लगती हैं. अगर गन्ने की बढ़वार रुकती है तो उसका वजन भी कम हो सकता है. इसका सीधा असर किसान की आमदनी पर पड़ सकता है. किसान को फसल तैयार करने में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च करना पड़ता है. ऐसे में अगर फसल का वजन उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ता है तो किसान के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है.
भारी बारिश का असर सिर्फ गन्ने की फसल पर नहीं पड़ा है. किसानों के मुताबिक, खेतों में उगाई जा रही सब्जियों को भी काफी नुकसान हुआ है. लगातार पानी भरे रहने के कारण कई जगह सब्जियों की फसल खराब होने लगी है. किसान नितिन चौधरी का कहना है कि सब्जियों की फसल को लगभग पूरी तरह नुकसान पहुंच रहा है. खेतों में पानी भरने के कारण सब्जियां खराब हो रही हैं. अगर यही स्थिति बनी रही तो किसानों के साथ-साथ आम लोगों पर भी इसका असर पड़ सकता है.
किसानों का कहना है कि खेतों में सब्जियों की फसल खराब होने का असर बाजार पर भी पड़ सकता है. जब खेतों से सब्जियों की आवक कम होगी तो बाजार में उनकी कीमत बढ़ सकती है. इससे आने वाले दिनों में आम लोगों को महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ सकती हैं. किसानों के मुताबिक, बारिश के कारण जितनी ज्यादा फसल खराब होगी, बाजार में उतनी ही कम सब्जियां पहुंचेंगी. ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने से सब्जियों के दाम बढ़ने की संभावना रहती है.
लगातार बारिश के कारण मुजफ्फरनगर के किसानों की चिंता बढ़ गई है. खेतों में पानी भरा होने के कारण किसान फिलहाल अपनी फसलों को लेकर कुछ कर भी नहीं पा रहे हैं. कई जगह खेतों से पानी निकलने का इंतजार किया जा रहा है. किसानों का कहना है कि बारिश कब तक जारी रहेगी और खेतों में जमा पानी कब तक निकलेगा, अभी यह साफ नहीं है. अगर बारिश जल्द नहीं रुकी और खेतों में पानी लंबे समय तक जमा रहा तो फसलों को और ज्यादा नुकसान हो सकता है.
फिलहाल मुजफ्फरनगर में शहर से लेकर गांव तक लोग बारिश से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं किसान अपनी मेहनत से तैयार की गई गन्ने और सब्जियों की फसल को बचाने की कोशिश में जुटे हैं. आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति साफ होने के बाद ही फसल को हुए वास्तविक नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकेगा.
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