Monsoon Update: सितंबर में और कम होगी बारिश! इन राज्‍यों में दिख सकता है सबसे ज्‍यादा असर

Monsoon Update: सितंबर में और कम होगी बारिश! इन राज्‍यों में दिख सकता है सबसे ज्‍यादा असर

Skymet ने मॉनसून 2026 में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है. जून-सितंबर के दौरान बारिश LPA की करीब 94% रह सकती है. अगस्त में 92% और सितंबर में 89% बारिश का अनुमान है. पूरी खबर पढ़ें...

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सितंबर में और कम होगी बारिश! इन राज्‍यों में दिख सकता है सबसे ज्‍यादा असरसितंबर में और कम हो सकती है बारिश (फाइल फोटो)

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्‍काईमेट (Skymet) ने मॉनसून 2026 को लेकर अपने ताजा आकलन में देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान जताया है. एजेंसी के मुताबिक, जून से सितंबर के बीच देश में कुल बारिश दीर्घकालिक औसत यानी LPA की करीब 94 प्रतिशत रह सकती है. वेदर एजेंसी के अनुसार, मॉनसून सीजन का दूसरा हिस्सा ज्यादा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. अगस्त में बारिश LPA की करीब 92 प्रतिशत और सितंबर में करीब 89 प्रतिशत रहने का अनुमान है. वहीं, सितंबर में सामान्य से कम बारिश की आशंका सबसे ज्यादा है.

सितंबर में कम बारिश की 70% संभावना

अगस्त में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना करीब 60 प्रतिशत बताई गई है. सितंबर में यह संभावना बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. इससे मॉनसून सीजन के अंतिम चरण में बारिश की गतिविधियों के कमजोर रहने के संकेत मिलते हैं.

इन राज्यों में बारिश की कमी का जोखिम

Skymet के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का जोखिम है. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी बारिश की कमी रह सकती है.

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में स्थिति बेहतर

इसके उलट पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में मॉनसून अपेक्षाकृत सक्रिय रह सकता है. पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों में सामान्य की तुलना में बेहतर बारिश होने का अनुमान है. हालांकि, कुछ इलाकों में ज्यादा बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ का जोखिम भी बन सकता है.

खेती और जलाशयों पर पड़ सकता है असर

बारिश की कमी और असमान वितरण का असर खरीफ फसलों और जल संसाधनों पर पड़ सकता है. मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में लंबे समय तक बारिश कमजोर रहने पर मिट्टी की नमी और जलाशयों में पानी की आवक प्रभावित हो सकती है. वहीं, कुछ पूर्वी इलाकों में भारी बारिश के दौर स्थानीय बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकते हैं.

बारिश में लंबा कमजोर दौर आने की आशंका

Skymet के अनुसार, मॉनसून के दौरान बारिश लगातार एक जैसी नहीं रह सकती. कुछ अवधि में तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि इनके बीच लंबे समय तक कमजोर मॉनसूनी गतिविधियां रह सकती हैं. इसलिए देशभर में मॉनसून का प्रदर्शन एक समान रहने की उम्मीद नहीं है. Skymet के मौजूदा आकलन में मॉनसून 2026 के सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है. खासतौर पर अगस्त और सितंबर मॉनसून की स्थिति के लिहाज से अहम रहेंगे. 

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