जानें कैसा रहेगा मौसम का हालउत्तर-पश्चिम भारत में अगले 5 दिनों तक तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रहने की संभावना है. इसका मतलब है कि लोगों को मार्च की शुरुआत में ही तेज गर्मी महसूस होगी. खासकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिन का तापमान तेजी से बढ़ेगा. मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है.
एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर से 4 से 7 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इससे पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम थोड़ा ठंडा रहेगा, लेकिन मैदानी इलाकों में गर्मी का असर बना रहेगा.
दिल्ली में 2 से 4 मार्च तक आसमान ज्यादातर साफ रहेगा. दिन में तेज धूप निकलेगी और हल्की से मध्यम तेज हवाएं चलेंगी. 2 मार्च को अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है. 3 मार्च को तापमान 32 से 34 डिग्री तक जा सकता है. 4 मार्च को पारा 35 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है. यह तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहेगा.
सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से हल्की हवा चलेगी, जो दोपहर में तेज होकर 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. शाम को हवा की रफ्तार फिर कम हो जाएगी.
मध्य भारत में भी तापमान धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है. गुजरात में अगले 4 दिनों में 3 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी संभव है. महाराष्ट्र में अगले दो दिनों तक खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है.
पूर्वोत्तर भारत में भी 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं असम और मेघालय, सिक्किम, केरल और लक्षद्वीप में 1 मार्च को हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है. हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 1 से 3 मार्च के बीच तेज सतही हवाएं चल सकती हैं.
तापमान बढ़ने से फसलों पर असर पड़ सकता है. इसलिए किसानों को हल्की और समय-समय पर सिंचाई करने की सलाह दी गई है. जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में गेहूं और सब्जियों को हल्का पानी देना जरूरी है. पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सरसों, गेहूं और चने की फसल में नमी बनाए रखना जरूरी है.
राजस्थान में जीरा, इसबगोल और चने की फसल को बचाने के लिए सिंचाई की सलाह दी गई है. मिट्टी की नमी बचाने के लिए मल्चिंग और खेत की मेड़बंदी जैसे उपाय अपनाने चाहिए.
गर्मी बढ़ने से पशुओं पर भी असर पड़ता है. इसलिए उन्हें साफ और ठंडा पानी पर्याप्त मात्रा में दें. पोल्ट्री शेड की छत पर घास डालकर तापमान कम रखा जा सकता है, ताकि मुर्गियों को गर्मी से राहत मिले.
मार्च की शुरुआत में ही तापमान में इतनी बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है. लोगों को धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचना चाहिए. हल्के कपड़े पहनें और ज्यादा पानी पिएं.
कुल मिलाकर, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिन गर्म रहेंगे, जबकि पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है. मौसम के इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
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