आज का मौसम (फाइल फोटो)भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि देशभर में मौसम के कई खतरनाक सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं. मौसम विभाग के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में 15 अप्रैल और असम-मेघालय और नगालैंड में 18 अप्रैल को भारी बारिश होने की आशंका है. इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है. मध्य, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में हीटवेव और गर्म-उमस भरे मौसम का खतरा भी है.
मौसम विभाग ने बताया कि 15 अप्रैल को पूर्वोत्तर भारत में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की शुरुआत होगी. वहीं, मध्य और पूर्वी भारत में तापमान में बढ़ोतरी जारी रहेगी और कई इलाकों में 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है. दक्षिण भारत में भी कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ उमस बढ़ेगी.
आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 14 से 17 अप्रैल के बीच मौसम साफ रहने की संभावना है. 15 अप्रैल को अधिकतम तापमान 38-40°C और न्यूनतम 19-21°C के बीच रह सकता है. 16 और 17 अप्रैल को तापमान बढ़कर 41-42°C तक पहुंच सकता है. इस दौरान दिन में हल्की हवाएं चलेंगी और गर्मी का असर लगातार बढ़ेगा. हालांकि, फिलहाल हीटवेव का अलर्ट नहीं है, लेकिन तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा.
मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में 15 से 18 अप्रैल के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाएं चलने की संभावना है. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17-18 अप्रैल को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में 15 से 20 अप्रैल के बीच आंधी-तूफान और हल्की बारिश का दौर रहेगा. पूर्वोत्तर भारत में लगातार 14 से 18 अप्रैल तक बारिश और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा, कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है.
दक्षिण भारत में कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में हल्की बारिश और तेज हवाओं के साथ उमस भरा मौसम रहेगा. पश्चिम भारत के गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी और कई इलाकों में लू चलने की संभावना है.
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसान खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और तैयार फसलों की जल्द कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें. तेज हवा और आंधी के दौरान फसलों को सहारा दें और खुले में रखी उपज को तिरपाल से ढकें.
जहां तापमान बढ़ रहा है, वहां फसलों को हल्की और बार-बार सिंचाई दें. सब्जियों और बागवानी फसलों में मल्चिंग और शेड नेट का उपयोग करें ताकि नमी बनी रहे.
पशुपालक गर्मी के दौरान पशुओं को ठंडे और छायादार स्थान पर रखें और पर्याप्त साफ पानी उपलब्ध कराएं. बारिश के समय पशुओं को खुले में न छोड़ें और चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें.
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