आज का मौसमदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम चिंताजनक बना रह सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 19 अप्रैल तक मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में लू चलने की संभावना है, जबकि ओडिशा में यह स्थिति 20 अप्रैल तक बनी रह सकती है. वहीं, झारखंड में 19 से 21 अप्रैल के बीच हीटवेव का असर रहेगा. इसके अलावा मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना और रायलसीमा में 18 अप्रैल को लू का असर रहेगा. वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 18 से 21 अप्रैल के बीच भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है.
18 अप्रैल को देश के बड़े हिस्से में गर्मी का असर बना रहेगा. कई राज्यों में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. पूर्वी भारत में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी के संकेत हैं. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की गिरावट के बाद फिर से तापमान बढ़ेगा. पूर्वोत्तर भारत में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 18 अप्रैल को आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है. तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा, जिससे दिन में गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा. वहीं, उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार दोपहर में 10 से 15 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 19 अप्रैल तक बारिश और बर्फबारी के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, पूर्वी भारत में ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18-19 अप्रैल को भारी बारिश का अलर्ट है.
इसके अलावा, मध्य भारत में फिलहाल तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन 20 अप्रैल के बाद 2-3 डिग्री की गिरावट संभव है. छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 20-21 अप्रैल को हल्की बारिश हो सकती है.
वहीं, दक्षिण भारत में कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. उत्तर कर्नाटक में ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है. पश्चिम भारत में महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 18 से 21 अप्रैल के बीच हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं.
IMD ने गर्मी और लू के हालातों को देखते हुए किसानों को फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी है. विभाग ने कहा है कि मूंग, उड़द, मक्का, सब्जियां और बागवानी फसलों में नमी बनाए रखना जरूरी है. वहीं, मल्चिंग और शेड नेट का इस्तेमाल कर फसलों को बचाया जा सकता है.
जिन क्षेत्रों में तेज हवा या आंधी का खतरा है, वहां फसलों को सहारा देकर सुरक्षित रखें और कटाई की गई उपज को ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें. भारी बारिश वाले इलाकों में खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें, ताकि जलभराव से फसल खराब न हो.
पशुपालकों को सलाह है कि पशुओं को धूप और बारिश से बचाने के लिए शेड में रखें, साफ पानी उपलब्ध कराएं और चारे को सुरक्षित स्थान पर स्टोर करें. अधिक गर्मी वाले क्षेत्रों में पशुओं को ठंडा रखने के लिए अतिरिक्त उपाय करना जरूरी है.
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