दूध के दाम बढ़ाने में फुर्ती, किसानों को भुगतान में देरी! अमूल और मदर डेयरी पर उठे सवाल

दूध के दाम बढ़ाने में फुर्ती, किसानों को भुगतान में देरी! अमूल और मदर डेयरी पर उठे सवाल

अमूल ने 1 जून 2026 से किसानों और पशुपालकों के लिए दूध खरीद के दाम बढ़ाने का ऐलान किया है. प्रति किलो फैट 10 रुपये की बढ़ोतरी से लाखों डेयरी किसानों को फायदा मिलेगा. हालांकि लोगों के मन में सवाल है कि उपभोक्ताओं के लिए दूध के दाम तुरंत बढ़ जाते हैं, लेकिन किसानों के लिए नए रेट बाद में क्यों लागू होते हैं.

Advertisement
दूध के दाम बढ़ाने में फुर्ती, किसानों को भुगतान में देरी! अमूल और मदर डेयरी पर उठे सवालदूध के दाम बढ़े तो सवाल भी उठे

देश में जब भी अमूल या मदर डेयरी दूध के दाम बढ़ाती हैं, तो नए रेट तुरंत लागू हो जाते हैं. यानी अगले ही दिन लोगों को महंगा दूध खरीदना पड़ता है. लेकिन अब जब किसानों और पशुपालकों को ज्यादा पैसे देने की घोषणा हुई है, तो नए रेट 1 जून 2026 से लागू किए जा रहे हैं. ऐसे में कई लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आम लोगों से तो तुरंत ज्यादा पैसे ले लिए जाते हैं, लेकिन किसानों को फायदा देने में समय क्यों लगाया जाता है?

दरअसल, इसके पीछे डेयरी कंपनियों की पूरी खरीद और भुगतान व्यवस्था जुड़ी होती है. किसानों से हर दिन लाखों लीटर दूध खरीदा जाता है. ऐसे में नए रेट लागू करने से पहले सभी डेयरी समितियों, मशीनों, रिकॉर्ड और भुगतान सिस्टम को अपडेट करना पड़ता है. इसी कारण कंपनियां नई तारीख तय करके बदलाव लागू करती हैं.

अमूल ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा या झटका

देश की सबसे बड़ी डेयरी सहकारी संस्था Amul ने पशुपालकों और किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. कंपनी ने दूध खरीद की कीमतों में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पशुओं का चारा, दवाई और देखभाल का खर्च लगातार बढ़ रहा है.

अमूल ने कहा है कि 1 जून 2026 से दूध खरीद के दाम बढ़ा दिए जाएंगे. इससे उन लाखों किसानों को फायदा होगा जो हर दिन मेहनत करके डेयरी तक दूध पहुंचाते हैं. लेकिन सवाल अब भी वही है की आखिर किसानों को तुरंत भुगतान क्यों नहीं दिया जाता है. 

कितना बढ़ा दूध का खरीद भाव?

अमूल ने दूध के खरीद भाव में प्रति किलो फैट 10 रुपये की बढ़ोतरी की है. पहले किसानों को 865 रुपये प्रति किलो फैट के हिसाब से भुगतान मिलता था, जो अब बढ़कर 875 रुपये हो जाएगा.

गाय के दूध के खरीद भाव में भी बढ़ोतरी की गई है. अब गाय के दूध पर किसानों को पहले से ज्यादा पैसा मिलेगा. अगर लीटर के हिसाब से समझें, तो किसानों की कमाई में प्रति लीटर लगभग 4.55 रुपये की बढ़ोतरी होगी. यह बढ़ोतरी छोटे और बड़े सभी पशुपालकों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है.

किसानों को क्यों थी इस फैसले की जरूरत?

पिछले कुछ समय में पशु पालने का खर्च काफी बढ़ गया है. पशुओं का चारा महंगा हो गया है. भूसा, दाना, हरा चारा और दवाइयों के दाम पहले से ज्यादा हो गए हैं. इसके अलावा गर्मी के मौसम में पशुओं की देखभाल पर भी ज्यादा खर्च आता है.

ऐसे में कई किसान कह रहे थे कि उन्हें दूध का सही दाम नहीं मिल रहा. कम पैसे मिलने के कारण छोटे पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसी को देखते हुए अमूल ने दूध खरीद के दाम बढ़ाने का फैसला लिया.

अमूल ने क्या कहा?

आणंद अमूल डेयरी के चेयरमैन Shabhesinh Parmar ने कहा कि कंपनी ने हमेशा पशुपालकों के हित को सबसे ऊपर रखा है. उन्होंने बताया कि लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को राहत देने के लिए यह फैसला लिया गया है.

उनका कहना है कि किसान और पशुपालक डेयरी व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं. अगर किसानों को सही दाम मिलेगा, तभी वे अच्छे तरीके से पशुपालन कर पाएंगे और देश में दूध उत्पादन भी बढ़ेगा.

किसानों और गांवों पर क्या होगा असर?

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा गांवों में रहने वाले छोटे किसानों और पशुपालकों को मिलेगा. गांव के कई परिवार केवल दूध बेचकर ही अपना घर चलाते हैं. अब उन्हें पहले से ज्यादा आमदनी होगी.

महिलाएं भी बड़ी संख्या में डेयरी काम से जुड़ी हैं. ऐसे में दूध के दाम बढ़ने से महिलाओं की कमाई भी बढ़ेगी. इससे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने में मदद मिलेगी.

लोगों के मन में अब भी है एक सवाल

हालांकि किसानों को राहत मिलने से खुशी जरूर है, लेकिन लोगों के मन में अब भी यह सवाल बना हुआ है कि जब कंपनियां दूध बेचने के दाम तुरंत बढ़ा सकती हैं, तो किसानों को ज्यादा भुगतान देने में तारीख का इंतजार क्यों करना पड़ता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों के भुगतान की प्रक्रिया बड़ी होती है और इसे एक साथ पूरे सिस्टम में लागू करना पड़ता है. इसलिए नई तारीख तय की जाती है. लेकिन कई किसान चाहते हैं कि जिस तेजी से कंपनियां ग्राहकों पर नए दाम लागू करती हैं, उसी तेजी से किसानों को भी फायदा मिलना चाहिए.

डेयरी सेक्टर के लिए बड़ा संकेत

अमूल का यह फैसला डेयरी सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है. इससे दूसरे डेयरी ब्रांड भी किसानों को बेहतर दाम देने पर विचार कर सकते हैं. अगर किसानों को सही कीमत मिलती रही, तो देश में दूध उत्पादन और डेयरी व्यवसाय दोनों मजबूत होंगे. (हेताली एम. शाह का इनपुट)

ये भी पढ़ें: 

Wheat Procurement: एमपी में 12 लाख से ज्यादा किसानों ने बेचा गेहूं, जानिए भुगतान और टारगेट से जुड़ी डिटेल
मोथा तूफान का असर: बिहार में अनाज उत्पादन घटने का अनुमान, बड़ी मुसीबत में किसान

POST A COMMENT