UP में 90% सब्सिडी पर पशुपालन का मौका, सिर्फ 14 हजार रुपये में शुरू करें कारोबार

UP में 90% सब्सिडी पर पशुपालन का मौका, सिर्फ 14 हजार रुपये में शुरू करें कारोबार

UP News: इस आर्थिक सहायता का उपयोग फार्म या शेड बनाने, सुअरों की खरीद, उपकरण और दूसरी जरूरी सुविधाओं पर किया जा सकता है. इस योजना का फायदा कई तरह के लोग उठा सकते हैं. इनमें किसान, पशुपालक, स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन, स्टार्टअप और नए उद्यमी शामिल हो सकते है.

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UP में 90% सब्सिडी पर पशुपालन का मौका, सिर्फ 14 हजार रुपये में शुरू करें कारोबारलाभार्थी को केवल ₹14,460 लगाने होते हैं.

ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार लगातार नई योजनाएं चला रही है. इन्हीं में से एक प्रमुख सूकर पालन योजना 2026 है, जिसके तहत प्रदेश में सुअर पालन को एक फायदेमंद बिजनेस के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी क्रम में उप्र पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ सुनील कुमार राठौर ने बताया कि सुअर पालन योजना उत्तर प्रदेश के 37 जनपदों में संचालित है. वहीं पूर्वांचल के 38 जिलों में जापानी इंसेफेलाइटिस की बीमारी के कारण हम प्रोत्साहित नहीं करते है.

1,47,400 रुपये की कुल योजना

उन्होंने बताया कि सूकर पालन योजना मात्र ₹14,460 में अपना बिजनेस शुरु कर सकते है. इसके तहत ₹1,47,400 की कुल लागत वाली इस योजना में सरकार द्वारा 90% सब्सिडी (₹1,32,660) दी जाती है और लाभार्थी को केवल ₹14,460 लगाने होते हैं.

पूर्वांचल के 38 जनपदों में योजना लागू नहीं

उपनिदेशक डॉ सुनील कुमार राठौर ने आगे बताया कि इस योजना के तहत पशुपालक को 10 मादा व 1 नर सूकर, बाड़ा निर्माण, पहले महीने का मुफ़्त राशन, बीमा और इलाज की पूरी सुविधा दी जाती है. वहीं, पूर्वांचल के 38 जनपदों को छोड़कर अन्य जनपदों के पशुपालक इस योजना का लाभ उठाकर अपना व्यवसाय बड़े स्तर पर बढ़ा सकते हैं.

पशुओं की नस्ल सुधारना

उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र का विकास करना और पशुओं की नस्ल सुधार के जरिए आत्मनिर्भर बनाना है. इस योजना के तहत सुअर पालन को खासतौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है. उपनिदेशक पशुपालन राठौर के मुताबिक, इस योजना के तहत सुअर पालन यूनिट लगाने के लिए सरकार सब्सिडी देती है. सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है.

आर्थिक सहायता का उपयोग

इस आर्थिक सहायता का उपयोग फार्म या शेड बनाने, सुअरों की खरीद, उपकरण और दूसरी जरूरी सुविधाओं पर किया जा सकता है. इस योजना का फायदा कई तरह के लोग उठा सकते हैं. इनमें किसान, पशुपालक, स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन, स्टार्टअप और नए उद्यमी शामिल हो सकते है. सुअर पालन योजना ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.

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