
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान वर्चुअल बैठक में हुए शामिलकेंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान और तेलंगाना के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना यानी PM RKVY और कृषोन्नति योजना के तहत कुल 605.71 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी है. इसमें राजस्थान को 340.59 करोड़ रुपये और तेलंगाना को 265.12 करोड़ रुपये मिलेंगे. केंद्र सरकार के मुताबिक, इन राशि का इस्तेमाल कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं और किसान कल्याण गतिविधियों को आगे बढ़ाने में किया जाएगा. राजस्थान के लिए 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना में 849.37 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें केंद्र की हिस्सेदारी 509.62 करोड़ रुपये है.
4 मई को राज्य के लिए 216.13 करोड़ रुपये की पहली मदर सैंक्शन जारी हुई थी. राज्य अब तक इसमें से 164.39 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है, जो करीब 76.06 प्रतिशत है. खर्च की प्रगति को देखते हुए राजस्थान के लिए RKVY मद में 216.12 करोड़ रुपये और कृषोन्नति योजना के तहत 124.47 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
तेलंगाना के लिए 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना 651.06 करोड़ रुपये की मंजूर हुई थी, जिसमें केंद्र का हिस्सा 390.63 करोड़ रुपये है. राज्य को 12 मई को 157.65 करोड़ रुपये की पहली मदर सैंक्शन मिली थी. इसमें से अब तक 96.05 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो 60.93 प्रतिशत है. इसके आधार पर केंद्र ने तेलंगाना के लिए RKVY मद में 157.66 करोड़ रुपये और कृषोन्नति योजना में 107.46 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है.
शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल से राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव के साथ वर्चुअल बैठक की. बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव अतीश चंद्रा समेत केंद्र और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. इस दौरान वार्षिक कार्ययोजनाओं, पहले जारी किए गए फंड के इस्तेमाल और योजनाओं पर हुए खर्च की स्थिति की समीक्षा की गई.

शिवराज सिंह चौहान ने तेलंगाना में किसानों की पहचान के लिए लागू किए जा रहे किसान आईडी (Farmer ID) मॉडल और खाद वितरण व्यवस्था की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से किसानों तक सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, उन्होंने राज्य में तिलहन और दलहन से जुड़े मिशनों के खर्च और क्रियान्वयन की गति पर नियमित निगरानी की जरूरत भी बताई.
केंद्रीय कृषि मंत्री ने राजस्थान सरकार से किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC की स्थिति पर विशेष ध्यान देने को कहा. उनका जोर इस बात पर रहा कि पात्र किसानों को समय पर और आसान तरीके से कृषि ऋण की सुविधा मिल सके. उन्होंने राजस्थान में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार को शुभकामनाएं भी दीं.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन वित्तीय स्वीकृतियों का उद्देश्य कृषि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करना और राज्यों में उनके प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देना है. केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर कृषि क्षेत्र में संसाधन, तकनीकी सहयोग और योजनाओं की निगरानी को मजबूत कर रही है. सरकार के अनुसार, नई स्वीकृतियों से कृषि अवसंरचना, उत्पादन, इनपुट सपोर्ट और किसान कल्याण से जुड़ी गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है.
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