लाभार्थियों की मदद के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन (90560-92906) जारी किया है. (सांकेतिक फोटो)पंजाब एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) योजना को लागू करने में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है. क्योंकि देश में सबसे अधिक कृषि परियोजनाओं को मंजूरी पंजाब में ही दी गई है. खास बात यह है कि इस बात की जानकारी खुद बागवानी मंत्री चेतन सिंह जौरामाजरा ने दी है. उन्होंने कहा है कि पंजाब ने इस हफ्ते 3500 करोड़ की लागत वाले 7646 परियोजनाओं के मंजूरी दी. साथ ही इन परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए 2 हजार करोड़ के एआईएफ सावधि ऋण बांटे हैं. उनकी माने तो इन परियोजनाओं को पूरा होते ही कृषि सेक्टर में विकास के पंख लग जाएंगे. इससे किसानों को काफी फायदा होगा.
बागबानी मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने कहा कि अब तक मंजूर 8298 परियोजनाओं में से 92 प्रतिशत ( यानी 7646 परियोजनाओं) के लिए सावधि ऋण दिए गए हैं, जो राज्य में उच्च राशि वितरण दर को दर्शाता है. बागवानी मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि ये आंकड़े राज्य में कृषि बुनियादी ढांचे के लिए निवेश को बढ़ावा देने में राज्य नोडल एजेंसी (बागवानी विभाग), अन्य हितधारकों और ऋण देने वाले संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग को उजागर करते हैं. सरदार चेतन सिंह जौरमाजरा ने बताया कि वितरित राशि के मामले में अग्रणी जिलों में पटियाला (250.3 करोड़ रुपये), लुधियाना (206.23 करोड़ रुपये), संगरूर (201.97 करोड़ रुपये), बठिंडा (182.33 करोड़ रुपये) और फिरोजपुर (159.59 करोड़ रुपये) का नाम शामिल है.
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अप्रैल 2022 से राज्य नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहे बागवानी विभाग ने एआईएफ योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य परियोजना निगरानी इकाई (एसपीएमयू) की स्थापना की. विभाग एआईएफ योजना को बढ़ावा देने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि विभाग ने संभावित लाभार्थियों की सहायता के उद्देश्य से योजना के बारे में जानकारी तक आसान पहुंच बनाने के लिए एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन (90560-92906) जारी किया है.
ये भी पढ़ें- क्या घने कोहरे से आंखों में होती है जलन? जानें इन राज्यों में अगले 4 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का हाल
मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा की माने तो एआईएफ योजना पात्र गतिविधियों के लिए सावधि ऋण पर 7 वर्षों तक 3% ब्याज सहायता प्रदान करती है. बैंक ब्याज की अधिकतम दर 9 प्रतिशत ले सकते हैं और इसका लाभ 2 करोड़ रुपये तक की राशि के लिए उठाया जा सकता है. प्रत्येक लाभार्थी विभिन्न स्थानों पर 25 परियोजनाएं स्थापित कर सकता है. खास बात यह है कि पात्र लाभार्थी अपने ऋण पर क्रेडिट गारंटी का लाभ भी उठा सकते हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, दोहरा लाभ प्रदान करने के लिए एआईएफ योजना को कई अन्य राज्य और केंद्रीय योजनाओं/सब्सिडी के साथ जोड़ा जाएगा.
ये भी पढ़ें- अब लू का गेहूं पर नहीं पड़ेगा असर, 60 प्रतिशत रकबे में किसानों ने की गर्मी प्रतिरोधी किस्मों की बुवाई, ये रहे आंकड़े
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today