बिहार में भूमि संबंधी लंबित मामलों का निपटारा जल्दबिहार सरकार ने भूमि संबंधी लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने घोषणा की है कि 11 जून से 17 जून 2026 तक राज्यभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत राजस्व महा-अभियान के दौरान प्राप्त 46 लाख आवेदनों की स्कैनिंग, पोर्टल पर अपलोडिंग और निपटारा किया जाएगा.
पिछले साल अगस्त-सितंबर 2025 में चलाए गए राजस्व महा-अभियान के दौरान राज्य के सभी हल्कों में शिविर लगाकर आम लोगों से डिजिटल जमाबंदी सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करने, उत्तराधिकार और बंटवारा नामांतरण संबंधी कुल 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से अब तक केवल 81.91 फीसदी आवेदनों की स्कैनिंग हो पाई है और मात्र 26.43 फीसदी ही पोर्टल पर अपलोड हो सके हैं. मंत्री ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि लाखों रैयतों के आवेदन लंबित रहना स्वीकार्य नहीं है. इसलिए 11 से 17 जून तक पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाकर इन मामलों का निपटारा किया जाएगा.
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि इस अभियान में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी. उन्होंने निर्देश दिया कि विशेष शिविर के दौरान प्राप्त लक्ष्यों की पूर्ति करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी. मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि भूमि अभिलेखों को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी ना झेलनी पड़े.
विशेष अभियान के दौरान दो मुख्य कार्यों पर ध्यान दिया जाएगा. पहला, सभी लंबित आवेदनों की शत-प्रतिशत स्कैनिंग सुनिश्चित करना. दूसरा, इन आवेदनों को संबंधित पोर्टलों पर अपलोड करना. इसके बाद तीसरे चरण में इन आवेदनों का यथासंभव तेजी से निष्पादन किया जाएगा. वहीं, अभियान रविवार को भी चलेगा और उपलब्ध मानव संसाधनों का पूरा उपयोग किया जाएगा.
मंत्री ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए विशेष सर्वेक्षण अमीनों की सेवाएं ली जाएगी. शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद और अरवल को छोड़कर बाकी सभी जिलों के विशेष सर्वेक्षण अमीनों को स्कैनिंग और अपलोडिंग के काम में लगाया जाएगा. इन पांच जिलों में सर्वे का काम 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य है.
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार भूमि प्रशासन को जनोन्मुखी और डिजिटल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. यह विशेष अभियान लाखों रैयतों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा.
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