सेवा तीर्थ में पीएम मोदीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के नए कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया जिसका नाम सेवा तीर्थ रखा गया है. इस कॉम्प्लेक्स में प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (NSCS), और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट हैं. नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड पर बना सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स पूरी तरह से आधुनिक और कई सुविधाओं से लैस है. इस कॉम्प्लेक्स में डिजिटली इंटीग्रेटेड ऑफिस, स्ट्रक्चर्ड पब्लिक इंटरफेस जोन और सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन सुविधाएं हैं. इसी सेवा तीर्थ से PM मोदी ने शुक्रवार को महिलाओं, युवाओं और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए जरूरी फैसलों से जुड़ी फाइलों पर साइन किए.
इन फाइलों के जरिये नई अहम पहल शुरू की गई. PM RAHAT स्कीम, लखपति दीदियों का टारगेट दोगुना करके 6 करोड़ किया गया, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड दोगुना करके 2 लाख करोड़ रुपये किया गया, 10,000 करोड़ रुपये के फंड के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 की शुरुआत की गई.
सेवा तीर्थ में शिफ्ट होने के बाद अपने पहले फैसलों में PM मोदी ने किसान, महिलाएं, युवा और कमजोर वर्ग से आने वाले लोगों के लिए कई बड़े फैसले लिए.
प्रधानमंत्री ने PM RAHAT स्कीम शुरू करने की मंजूरी दे दी है. इस पहल के तहत, दुर्घटना के शिकार लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, जिससे यह पक्का होगा कि तुरंत मेडिकल मदद न मिलने से किसी की जान न जाए.
सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदियों का टारगेट पार कर लिया है, जो मार्च 2027 टाइमलाइन से एक साल से भी ज्यादा पहले है. PM ने अब मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियों का एक नया, बड़ा टारगेट रखा है, जिससे रोजगार बढ़ाने वाली इस स्कीम की संख्या दोगुनी हो गई है.
भारत की पूरी एग्रीकल्चर वैल्यू चेन को मजबूत करने के मकसद से, PM मोदी ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के खर्च को 1 लाख करोड़ रुपये से दोगुना करके 2 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है. इससे किसानों के साथ-साथ वेयरहाउस कंपनियों और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बहुत फायदा होगा.
भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए, खासकर डीप टेक, शुरुआती स्टेज के आइडिया, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और ब्रेकथ्रू टेक्नोलॉजी में तेजी लाने के लिए PM मोदी ने 10,000 करोड़ रुपये के फंड के साथ स्टार्टअप इंडिया FoF 2.0 को मंजूरी दी है. इससे देश में टेक्नोलॉजी के साथ-साथ रोजगार का दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी.
2014 से मोदी सरकार ने भारत के पुराने जमाने के प्रतीकों से हटने और सोच में बदलाव लाने के लिए कदम उठाए हैं. इसी में एक कदम सेवा तीर्थ भी है जिसमें कुछ बड़े बदलाव ये हैं-
साउथ ब्लॉक → सेवा तीर्थ
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट → कर्तव्य भवन
राजपथ → कर्तव्य पथ
रेस कोर्स रोड → लोक कल्याण मार्ग
राजभवन/राज निवास → लोक भवन/लोक निवास
(हिमांशु मिश्रा की रिपोर्ट)
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