Water Crisis: खेती के ल‍िए स‍िंचाई सुव‍िधा बढ़ाने में जुटी सरकार, बनाए जाएंगे 1000 भू-जल रिचार्ज-वेल

Water Crisis: खेती के ल‍िए स‍िंचाई सुव‍िधा बढ़ाने में जुटी सरकार, बनाए जाएंगे 1000 भू-जल रिचार्ज-वेल

नए भू-जल रिचार्ज-वेल से हर साल 8000 एकड़ अतिरिक्त जमीन पर संभव हो सकेगी सिंचाई. क‍िसानों को म‍िलेगा फायदा. हर‍ियाणा में 95 लाख एकड़ जमीन कृषि योग्य है, ज‍िसमें से स‍िर्फ 45 लाख एकड़ में ही है नहरी पानी से सिंचाई की सुव‍िधा. बाकी बार‍िश और ट्यूबवेल के भरोसे. राज्य में 14 लाख करोड़ लीटर पानी की है कमी.

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Water Crisis: खेती के ल‍िए स‍िंचाई सुव‍िधा बढ़ाने में जुटी सरकार, बनाए जाएंगे 1000 भू-जल रिचार्ज-वेलपानी की कमी से जूझ रहे हैं हर‍ियाणा के 3041 गांव.

जल संकट से जूझ रहे हर‍ियाणा ने भू-जल रिचार्जिंग पर फोकस करने का फैसला क‍िया है. इसके तहत सूबे में 1000 नए रिचार्ज-वेल बनाए जाएंगे. जबक‍ि पहले से ही 1000 रिचार्ज-वेल बन चुके हैं. दावा है क‍ि इनके बनने से हर वर्ष लगभग 8000 एकड़ अतिरिक्त जमीन पर सिंचाई संभव हो सकेगी, ज‍िससे क‍िसानों को फायदा होगा. हरियाणा में कुल 95 लाख एकड़ जमीन कृषि योग्य है, इसमें से 45 लाख एकड़ में ही नहरी पानी से सिंचाई की सुव‍िधा है. शेष जमीन पर बरसात के पानी से या ट्यूबवेल के जर‍िए सिंचाई होती है. राज्य के कई ब्लॉकों में पानी का गंभीर संकट है इसल‍िए सरकार अब खेती के जर‍िए पानी बचाने की कोश‍िश कर रही है. 

सीएम मनोहरलाल ने बताया क‍ि पानी को शुद्ध करने के लिए प्रदेश में 200 ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, जिनसे 700 क्यूसेक पानी उपलब्ध हो रहा है. इस पानी का उपयोग बागवानी, सिंचाई,पावर प्लांटों व उद्योगों में किया जा रहा है. उन्होंने गांवों में बरसात व भू-जल स्तर की स्थिति का पता लगाने के लिए वाटर फ्लो मीटर, मैनुअल वर्षा मा‌प यंत्र तथा पीजोमीटर का उपयोग करने की सलाह दी. ताक‍ि सभी को स्थ‍िति का पता रहे.

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पानी की क‍ितनी है कमी 

सीएम ने बताया क‍ि राज्य में पानी की मांग लगभग 35 लाख करोड़ लीटर की है, जबकि हमारे पास लगभग 21 लाख करोड़ लीटर पानी ही उपलब्ध है. इस प्रकार लगभग 14 लाख करोड़ लीटर पानी की कमी है. भू-जल के अलावा पानी की उपलब्धता बरसात व पहाड़ों से आने वाले पानी से होती है. इसल‍िए पानी को रि-साइकल व रि-यूज करना ही समाधान है. पानी बेशकीमती है, इसलिए उपलब्ध पानी का उपयोग कर उसे फ‍िर उपयोग करने की आदत बनानी होगी.  

तालाबों के जर‍िए बनेगा काम

सीएम ने बताया क‍ि हरियाणा में 1 मई, 2002 से हर जिले में 75 तालाब के अनुसार कुल 1650 तालाबों का जीर्णोद्धार कर अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. राज्य सरकार व स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयासों की वजह से हरियाणा 2078 अमृत सरोवर बनाने में सफल रहा है. अगले एक महीने में 1 माह में 200 और अमृत सरोवर बनाए जाएंगे. 

तालाबों का कायाकल्प करने के मकसद से हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण का गठन किया गया है. प्राधिकरण को प्रदेश में उपलब्ध तालाबों का सर्वे करने के निर्देश दिए थे. सर्वे के अनुसार प्रदेश में 19,649 तालाब पाए गए हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 18 हजार जबक‍ि शहरों में 900 तालाब शामिल हैं. इनमें लगभग 11,000 प्रदूषित तालाब हैं, इनके कायाकल्प के लिए काम क‍िया जा रहा है. 

पहले तालाबों की सफाई व सौंदर्यीकरण के लिए केवल 50,000 रुपये प्रति तालाब निर्धारित थे. लेक‍िन अब इसे बढ़ाकर 7 लाख रुपये प्रति तालाब कर द‍िया गया है. तालाबों में पानी को साफ करके डालने से उसका उपयोग सिंचाई और पशुओं के पीने के लिए क‍िया जा रहा है.  

एसवाईएल से नहीं म‍िला पानी

सीएम ने कहा क‍ि एसवाईएल समझौते के अनुसार इस नहर से हरियाणा को पंजाब से पानी मिलना था, लेकिन यह अभी नहीं मिल रहा है. यह अंतरराज्यीय विवाद है. इस विवाद को हल करने के लिए हम सुप्रीम कोर्ट तक गए हैं. यह विवाद अभी हल नहीं भी हो रहा है तो भी हम पानी का मैनेजमेंट करने का प्रयास कर रहे हैं. दक्षिण हरियाणा में लगभग 300 टेलों तक हमने पानी पहुंचाया है. हरियाणा सरकार का दावा है क‍ि एसवाईएल का पानी न म‍िलने की वजह से सूबे में हर साल 42 लाख टन खाद्यान्नों की हानि उठानी पड़ रही है.

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