पीएम किसान योजनाहरियाणा के करनाल जिले में अब किसानों को एग्री स्टैक परियोजना के तहत किसान आईडी (किसान पहचान पत्र) बनवाना होगा नहीं, तो किसानों को पीएम किसान योजना के अलावा केंद्र और राज्य सरकार की और से मिलने वाली सुविधाएं बंद हो जाएगी. इस योजना के तहत हर किसान को अपना किसान पहचान पत्र बनवाना अनिवार्य है. बता दें कि करनाल जिले में करीब 95 हजार आईडी जनरेट होनी है, जिसमें से अभी तक करीब 17 हजार किसानों के पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं. उम्मीद है कि अगले एक महीने सभी किसानों की आईडी बना ली जाएगी.
इसके लिए मुनादी, गांवों में कैंप, समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से किसानों को अपनी आईडी बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है. वहीं, करनाल कृषि उप निदेशक डॉ वजीर सिंह ने बताया कि कृषि विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी, कैपों में आईडी बना रहे हैं. इसके अलावा किसान कॉमन सर्विस सेंटर/अटल सेवा केन्द्र पर जाकर भी अपनी किसान आईडी बनवा सकते हैं.
एग्री स्टैक, कृषि और किसान कल्याण विभाग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विकसित एक प्रमुख कृषि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है. यह परियोजना कृषि क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर रही है, जो कि देश के सभी किसानों का भूमि रिकॉर्ड, विशिष्ठ पहचान संख्या फसल विवरण और सरकारी योजनाओं का एक एकीकृत डेटाबेस स्थापित करके खेती में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है.
एग्री स्टैक परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों के लिए एक विशिष्ठ पहचान सख्या बनाना है,जो आधार से जुड़ी होगी. इसके अलावा किसानों को उनकी भूमि रिकॉर्ड तक आसान पहुंच प्रदान करना, जिससे लोन और बीमा प्रक्रिया आसान होगी. पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली आगामी किस्त फरवरी-2026 में उन्हीं किसानों को मिलेगी जो अपनी विशिष्ट पहचान संख्या बनवा लेंगे.
जिला करनाल में पीएम किसान योजना के अंतर्गत 98,647 किसान रजिस्टर्ड हैं, जिसमे से अभी तक 2,550 किसानों ने अपनी विशिष्ट पहचान संख्या बनवा ली है. शेष बचे पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए जल्द से जल्द अपनी किसान आईडी बनवा लें.
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