बागवानी को बढ़ावा दे रही सरकारभारत कृषी प्रधान देश है. यहां की अर्थव्यवस्था आज भी कृषि कार्यों पर निर्भर है. जिससे यह न सिर्फ देश के लिए बल्कि किसानों के लिए भी बड़े गर्व की बात है. ऐसे में किसानों को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के लिए सरकार भी उनकी मदद करती है. दूसरी ओर, सरकार किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फूलों की खेती की ओर प्रोत्साहित कर रही है. जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके. फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. अब सरकार किसानों को इस खेती के लिए पहले से ज्यादा सब्सिडी भी दे रही है. ऐसे में किसानों के लिए बागवानी की 5 सबसे महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई है. जिसका लाभ उठाकर किसान मुनाफा कमा सकते हैं. क्या है वो योजना आइए जानते हैं.
केंद्र की मोदी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, इसके लिए केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. राष्ट्रीय बागवानी मिशन की शुरुआत वर्ष 2005-06 में ही की गई थी, इसका उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना था, इसके साथ ही भारत में बागवानी क्षेत्र का विस्तार करना और बागवानी उत्पादन को बढ़ाना था. इस मिशन के तहत किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में राज्य सरकार 35 से 50 प्रतिशत का योगदान देती है और बाकी की राशि केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दी जाती है.
उत्तर पूर्व और हिमालयी राज्यों के लिए बागवानी मिशन (HMNEH) भारत सरकार का एक पहल है जो उत्तरी पूर्वी राज्यों और हिमालयी इलाकों में बागवानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. इस मिशन के तहत विभिन्न क्षेत्रों में बागवानी को बढ़ावा देने, किसानों को नवाचारों और तकनीकों से अवगत कराने, उन्हें अधिक उत्पादक बनाने और उत्पादों को अच्छी बाजार में पहुंचाने के लिए नैतिकता, प्रौद्योगिकी, और व्यवसायिक योजनाओं का विकास किया जाता है.
इस मिशन के अंतर्गत, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने, उनकी मान्यता और बाजार में प्रवेश को सुनिश्चित करने के लिए बहुत सारी योजनाएं और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. हमारे देश में बागवानी एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र है और इस मिशन के माध्यम से इसे और विकसित किया जा रहा है.
यह भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के अंदर कार्यरत एक संस्थान है. इसका मुख्य उद्देश्य भारत में बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देना, उत्पादन को विपणन योग्य बनाना, नवाचार और प्रौद्योगिकियों को प्रोत्साहित करना, उत्पादकों को अच्छे बीज, संसाधन और वित्तीय सहायता प्रदान करना है. NHB विभिन्न बागवानी क्षेत्रों जैसे कि फल, सब्जियां, फूल, खेती के उत्पादों, और उनके प्रसंस्करण तक की प्रक्रिया में सहायता प्रदान करता है.
नारियल विकास बोर्ड (सीडीबी) भारत सरकार की एक स्वायत्त संस्था (autonomous organization) है जो नारियल के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है. इसका मुख्य उद्देश्य नारियल के विकास, उत्पादन, प्रसंस्करण, व्यापार और संबंधित क्षेत्रों को प्रोत्साहित करना है. सीडीबी अपनी योजनाओं के माध्यम से नारियल उत्पादकों को विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और प्रशिक्षण संसाधन प्रदान करता है. इसके कुछ मुख्य उद्देश्य हैं, जैसे:
किसानों को तकनीकी सहायता: नारियल उत्पादन से जुड़े किसानों को नवीन और उन्नत प्रौद्योगिकियों में सहायता प्रदान करना.
वित्तीय सहायता: उत्पादकों को वित्तीय सहायता, ऋण और सब्सिडी जैसी सुविधाएं प्रदान करना.
प्रसंस्करण तकनीकों को प्रोत्साहन: नारियल उत्पादन की उच्च गुणवत्ता वाली प्रसंस्करण तकनीकों को प्रोत्साहित करना.
केंद्रीय बागवानी संस्थान (Central Institute of Horticulture - CIH) एक प्रमुख संस्था है जो भारतीय सरकार के कृषि मंत्रालय के तहत नागालैंड में स्थित है. इसका उद्देश्य है उत्तर पूर्वी राज्यों में बागवानी क्षेत्र में विकास और प्रोत्साहन करना. CIH विभिन्न बागवानी क्षेत्रों में तकनीकी और व्यापारिक सहायता प्रदान करता है ताकि खेतीकरी तकनीक और व्यवसायिक दृष्टिकोण से सुधार हो सके. नागालैंड में CIH के तहत विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जाती हैं जो बागवानी क्षेत्र में विकास को प्रोत्साहित करती हैं. यहां कुछ मुख्य उद्देश्य हो सकते हैं.
CIH नागालैंड में बागवानी विकास को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान, शिक्षा, और तकनीकी सहायता प्रदान करता है. इसका मुख्य उद्देश्य है खेतीकरों को बेहतर तरीके से संचालित खेती करने में मदद करना और उन्हें बागवानी क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों और जानकारी देना है.
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