PMFBY: कटी फसल खराब होने पर भी मिलेगा बीमे का पूरा लाभ, बस 72 घंटे में इस नंबर पर करें फोन

PMFBY: कटी फसल खराब होने पर भी मिलेगा बीमे का पूरा लाभ, बस 72 घंटे में इस नंबर पर करें फोन

PMFBY के तहत अब कटी फसल खराब होने पर भी किसानों को बीमा का पैसा मिलेगा. राजस्थान सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार नुकसान की स्थिति में किसान को 72 घंटे के अंदर टोल‑फ्री नंबर 1447 पर सूचना देनी होगी. बीमा कंपनी 48 घंटे में सर्वे करेगी और 10 दिनों में नुकसान का आकलन पूरा होगा. यह लाभ चक्रवात, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से हुए नुकसान पर भी मिलेगा.

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PMFBY: कटी फसल खराब होने पर भी मिलेगा बीमे का पूरा लाभ, बस 72 घंटे में इस नंबर पर करें फोनपीएम फसल बीमा योजना पर राजस्थान सरकार का बड़ा ऐलान

केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को फसल बीमा योजना (PMFBY) का लाभ देती हैं. इस स्कीम के तहत नोटिफाइड फसलों का बीमा कराना होता है. इसके लिए प्रीमियम की दरें तय हैं जिसे किसानों के खाते से लिया जाता है. बाकी का खर्च केंद्र और राज्य सरकार उठाती है. योजना के अंतर्गत आपदा और घटनाओं की लिस्ट निर्धारित है जिसमें अगर फसल नुकसान होता है तो किसान को फसल बीमा का क्लेम मिलता है. इस क्लेम को लेकर राजस्थान सरकार ने बड़ी घोषणा की है. सरकार ने कहा है कि अगर खेत में कटी फसल भी खराब होती है तो उसका क्लेम दिया जाएगा.

राजस्थान सरकार ने कहा है कि कटी फसल खराब होने की स्थिति में किसान को 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर 1447 पर फोन करना होगा और घटना की पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी. इससे किसान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पूरा लाभ मिलेगा और फसल की भरपाई हो सकेगी. कटाई के 14 दिन बाद तक खेत में फसल सूख रही है और अचानक मौसम से खराब हो जाए तो भी बीमा क्लेम का लाभ दिया जाएगा.

फसल बीमा पर नई गाइडलाइन

राजस्थान सरकार ने इसे लेकर नई गाइडलाइन जारी की है जिसमें बताया गया है कि फसल कटाई के 14 दिनों के अंदर अगर चक्रवात, बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि से कोई नुकसान होता है तो किसान को व्यक्तिगत आधार पर बीमा क्लेम का लाभ दिया जाएगा. सरकार ने इसके लिए कुछ नियम बताए हैं.

किसानों को क्या करना होगा?

हेल्पलाइन नंबर 1447 पर फोन करें, यह टोल फ्री नंबर है
वाट्सअप चैटबॉट नंबर 7065514447 पर मैसेज करें
कृषि रक्षक पोर्टल या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर शिकायत करें
अपने संबंधित बैंक या स्थानीय कृषि विभाग में शिकायत कर सकते हैं.

क्या है पूरी प्रक्रिया?

किसान की ओर से शिकायत मिलने के बाद बीमा कंपनी की ओर से खेत का सर्वे किया जाएगा. शिकायत के 48 घंटे के अंदर नुकसान का सर्वे किया जाएगा और रिपोर्ट तैयार होगी. इसके आधार पर नुकसान का आकलन 10 दिनों में पूरा किया जाएगा. यह पूरी प्रक्रिया बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, किसान और स्थानीय कृषि अधिकारी या कर्मचारी की मौजूदगी में की जाएगी.

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