कम लागत में दोगुना फायदा! अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस से बदल रही किसानों की खेती, मौसम की मार से भी मिलेगी सुरक्षा

कम लागत में दोगुना फायदा! अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस से बदल रही किसानों की खेती, मौसम की मार से भी मिलेगी सुरक्षा

मध्य प्रदेश के सागर जिले में अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस योजना को किसानों का शानदार समर्थन मिल रहा है.60 के लक्ष्य के मुकाबले 62 आवेदन प्राप्त हुए हैं. कम लागत में संरक्षित खेती के इस मॉडल से किसान बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन, अधिक पैदावार और बढ़ी हुई आय हासिल कर रहे हैं.

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कम लागत में दोगुना फायदा! अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस से बदल रही किसानों की खेती, मौसम की मार से भी मिलेगी सुरक्षा

मध्य प्रदेश के सागर जिले में उद्यानिकी विभाग की अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस योजना किसानों के लिए संरक्षित खेती का एक सफल मॉडल बनकर उभर रही है. कम लागत में तैयार होने वाली इस आधुनिक तकनीकी के जरिए किसान अब मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से अपनी फसलों की सुरक्षा करते हुए अधिक और बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं. यही वजह है कि इस योजना के प्रति किसानों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं.

240 वर्गमीटर में तैयार होता है शेडनेट हाउस

अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस लगभग 240 वर्गमीटर क्षेत्र में मजबूत जीआई पाइप संरचना पर तैयार किया जाता है. इसमें 50 या 75 प्रतिशत शेडनेट लगाया जाता है, जिससे फसलों को तेज धूप, तेज हवा, कीटों के प्रकोप और हल्की ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक चुनौतियों से सुरक्षा मिलती है. नियंत्रित वातावरण मिलने के कारण पौधों का विकास बेहतर होता है और उत्पादन की गुणवत्ता भी बढ़ती है.

इन फसलों की हो रही सफल खेती

इस तकनीक के माध्यम से किसान शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, मिर्च, धनिया, पालक, विभिन्न प्रकार के फूलों तथा पौधशाला का सफल उत्पादन कर रहे हैं. संरक्षित खेती होने के कारण किसान पूरे वर्ष गुणवत्तापूर्ण फसल तैयार कर बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है.

सिर्फ 1.35 लाख रुपये में तैयार होगी इकाई

सागर जिले में इस योजना के तहत प्रति इकाई लागत 1.35 लाख रुपये निर्धारित की गई है.यह लागत पारंपरिक महंगे शेडनेट हाउस की तुलना में काफी कम है, जिससे छोटे और मध्यम किसान भी आधुनिक संरक्षित खेती अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं.

लक्ष्य से ज्यादा किसानों ने दिखाई रुचि

वित्तीय वर्ष 2026-27 में सागर विकासखंड के लिए 60 अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन किसानों की बढ़ती रुचि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 62 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं. यह दर्शाता है कि किसान इस तकनीक को अपनी आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम मान रहे हैं.

किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी विकल्प

उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अल्ट्रा लो-कॉस्ट शेडनेट हाउस संरक्षित खेती का एक सुलभ, किफायती और टिकाऊ विकल्प है. इससे न केवल उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार हो रहा है, बल्कि मौसम संबंधी जोखिम भी कम हो रहे हैं. विभाग का मानना है कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

योजना की प्रमुख बातें

  • 240 वर्गमीटर क्षेत्र में तैयार होता है शेडनेट हाउस।
  • 50 या 75 प्रतिशत शेडनेट से फसलों को सुरक्षा।
  • तेज धूप, कीट, हवा और हल्की ओलावृष्टि से बचाव।
  • शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, धनिया, पालक, फूल और पौधशाला के लिए उपयुक्त।
  • प्रति इकाई लागत 1.35 लाख रुपये।
  • सागर में 60 इकाइयों के लक्ष्य के मुकाबले 62 आवेदन प्राप्त।
  • गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के साथ किसानों की आय बढ़ाने में कारगर योजना।

 

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