'किसान पाठशाला' में मछली से मोती तक की खेती सीखेंगे झारखंड के अन्नदाता, 11 जिलों में खुलेंगी 26 पाठशालाएं

'किसान पाठशाला' में मछली से मोती तक की खेती सीखेंगे झारखंड के अन्नदाता, 11 जिलों में खुलेंगी 26 पाठशालाएं

किसान पाठशाला में किसानों को मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, पशुपालन और मोती की खेती के साथ-साथ मछली पालन के लिए भी जागरूक किया जाएगा. प्रत्येक पाठशाला का क्षेत्रफल 25 एकड़ का होगा. किसान पाठशाला खोलने के लिए 78.19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

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'किसान पाठशाला' में मछली से मोती तक की खेती सीखेंगे झारखंड के अन्नदाता, 11 जिलों में खुलेंगी 26 पाठशालाएं झारखंड के किसान (फाइल फोटो)

झारखंड में किसानों को समृद्ध बनाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. कई प्रकार की योजनाएं भी चलाई जा रही हैं. किसानों को बेहतर कृषि तकनीक सीखाने के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं. इसी के तहत राज्य में किसान पाठशाला योजना की शुरुआत की गई है. किसान पाठशाला के जरिए राज्य के किसानों को आधुनिक खेती की ट्रेनिंग दी जाएगी. बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत ही राज्य के 11 जिलों में बिरसा किसान पाठशाला खोली जाएगी. जहां पर किसानों को कृषि से जुड़ी हर चीज की जानकारी दी जाएगी. जिससे राज्य के किसान बेहतर खेती कर पाएंगे और अच्छी उपज हासिल करने के साथ अपनी आय भी बढ़ा पाएंगे. 

प्रत्येक पाठशाला का क्षेत्रफल 25 एकड़ का होगा. किसान पाठशाला खोलने के लिए 78.19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. हालांकि रामगढ़, लोहरदगा, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम में पहले से बिरसा किसान पाठशाला का संचालन किया जा रहा है. जहां पर किसानों को बेहतर और उन्नत खेती के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है. इससे उन्हें काफी लाभ भी हो रहा है. कृषि, पशुपालन और मत्स्य विभाग की तरफ से संचालित इस पाठशाला में किसानों की क्षमता को विकसित किया जाएगा. इतना नहीं उन्हें कृषि, पशुपालन, मत्स्य और सहकारिता विभाग की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी जाएगी. 

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सब्जी से मोती की खेती तक मिलेगा प्रशिक्षण 

किसान पाठशाला में किसानों को मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, पशुपालन और मोती की खेती के साथ-साथ मछली पालन के लिए भी जागरूक किया जाएगा. किसान पाठशाला में किसानों को मछली पालन सिखाने के लिए तालाब रहेंगे. इसके साथ ही बत्तख पालन, गाय पालन, बकरी पालन और सुअर पालन सिखाने के लिए आधारभूत संरचना का निर्माण कराया जाएगा. इसके साथ ही पाठशाला परिसर के अंदर 10 एकड़ में अधिक कीमत में बिकने वाली फसल और 7.5 एकड़ में महंगे फलों की खेती की जाएगी. इस तरह से किसान पाठशाला के अंदर किसानों को समुचित जानकारी मिल जाएगी. 

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लातेहार में खुलेंगी चार किसान पाठशालाएं

सबसे अधिक चार किसान पाठशाला लातेहार जिले में खोली जाएगी. जबकि चतरा, गुमला, गिरिडीह, पलामू और पश्चिमी सिंहभूम में तीन-तीन किसान पाठशाला खोले जाएंगे. वहीं जामताड़ा और गढ़वा में दो-दो और कोडरमा, खूंटी और सिमडेगा में एक-एक किसान पाठशाला खोले जाएंगे. फिलहाल बोकारो जिले के नावाडीह और जरीडीह में 25-25 एकड़ में किसान पाठशाला चलाई जा रही है. रामगढ़ के कैथा में एक किसान पाठशाला चल रही है. इन दोनों ही जिलों में फिलहाल नई किसान पाठशाला खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं है. पश्चिमी सिंहभूम झींकपानी, मंझारी और सोनुआ में निर्माण कार्य चल रहा है. 
 

 

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