'गन्‍ना किसानों के लिए ये काम कीजिए', कर्नाटक CM को केंद्रीय मंत्री ने पत्र लिखकर द‍िए सुझाव

'गन्‍ना किसानों के लिए ये काम कीजिए', कर्नाटक CM को केंद्रीय मंत्री ने पत्र लिखकर द‍िए सुझाव

कर्नाटक के गन्ना किसानों को उचित दाम दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है. केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने SAP लागू करने सहित कुछ सुझाव दिए हैं. जानिए पूरा मामला...

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'गन्‍ना किसानों के लिए ये काम कीजिए', कर्नाटक CM को केंद्रीय मंत्री ने पत्र लिखकर द‍िए सुझावकेंद्रीय मंत्री प्रल्‍हाद जोशी (फाइल फोटो/एएनआई)

कर्नाटक में गन्ना किसानों को उचित दाम दिलाने और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को पत्र लिखकर गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (SAP) घोषित करने और चीनी मिलों की कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायतों की जांच कराने का आग्रह किया है.

प्रल्हाद जोशी ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कर्नाटक के गन्ना किसानों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में उठाए गए मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखा था. किसानों ने आरोप लगाया था कि राज्य की कुछ चीनी मिलों में अपनाई जा रही प्रक्रियाओं से उन्हें गन्ने का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है. इन शिकायतों की जांच के लिए केंद्रीय मंत्री ने एक समिति भी गठित की है.

गन्ने की रिकवरी के आंकड़ों की स्वतंत्र जांच की मांग

किसानों ने चीनी मिलों की ओर से गन्ने से चीनी की रिकवरी के आंकड़ों को कथित तौर पर कम बताने का मुद्दा उठाया. इस पर जोशी ने राज्य सरकार से रिकवरी के आंकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन कराने का आग्रह किया है. 

उन्होंने गन्ना उत्पादक क्षेत्रों और उन इलाकों में रिकवरी की जांच के लिए परीक्षण सुविधाएं या चेक स्टेशन स्थापित करने की संभावना पर विचार करने का भी सुझाव दिया है, जहां चीनी मिलों की संख्या अधिक है.

गन्ने के वजन में गड़बड़ी रोकने पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने चीनी मिलों में लगे वजन कांटों की नियमित जांच, सत्यापन और कैलिब्रेशन कराने की मांग की है. इसका उद्देश्य गन्ने के सही वजन का निर्धारण सुनिश्चित करना और किसानों को भुगतान में होने वाले संभावित नुकसान से बचाना है. उन्होंने राज्य की संबंधित एजेंसियों को इस दिशा में जरूरी कार्रवाई करने का आग्रह किया है.

मशीन से कटे गन्ने पर 8 फीसदी कटौती की समीक्षा

किसानों ने मशीन से कटाई किए गए गन्ने के वजन में लगभग 8 फीसदी कटौती किए जाने पर भी आपत्ति जताई है. प्रल्हाद जोशी ने राज्य सरकार से चीनी मिलों और किसान प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर इस व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा है. उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि वजन में की जाने वाली कटौती उचित आधार पर हो और किसानों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े.

यूपी-पंजाब की तरह SAP घोषित करने का सुझाव

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कर्नाटक सरकार से केंद्र की ओर से तय उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) से अधिक भुगतान की किसानों की मांग पर विचार करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गन्ने के लिए उपयुक्त राज्य परामर्श मूल्य (SAP) घोषित करने की संभावना पर विचार कर सकती है, ताकि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके.

उन्होंने पत्र में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि ये राज्य गन्ने के लिए अपना परामर्श मूल्य घोषित करते हैं. जोशी ने तमिलनाडु में गन्ना किसानों को 709.5 रुपये प्रति मीट्रिक टन की विशेष सहायता दिए जाने का भी उल्लेख किया है.

रमेश चंद की अध्यक्षता में समिति गठित

केंद्रीय मंत्री ने पत्र में बताया कि किसानों की समस्याओं की जांच के लिए पूर्व नीति आयोग सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है. इसमें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और उपभोक्ता मामले विभाग के प्रतिनिधि शामिल हैं.

समिति संबंधित राज्य सरकारों, विभिन्न राज्यों के किसान प्रतिनिधियों और चीनी मिल संघों के साथ विचार-विमर्श कर किसानों की ओर से उठाए गए मुद्दों की जांच करेगी. इसके आधार पर शिकायतों के समाधान और गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदमों पर विचार किया जाएगा. (एएनआई)

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