तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी (फोटो- तेलंगाना जनसंपर्क विभाग)तेलंगाना सरकार ने लंबित धान खरीद के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने राज्य से खरीदे गए धान और अन्य फसलों की खरीद प्रक्रिया में तेजी नहीं दिखाई तो 15 जून के बाद राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा. कुमुराम भीम आसिफाबाद में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी से सीधे हस्तक्षेप करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों से धान खरीद लिया है, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती उसके भंडारण की बन गई है. उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार सामान्य धान के साथ-साथ नमी से प्रभावित फसल की भी खरीद सुनिश्चित करे, ताकि किसानों और राज्य पर अतिरिक्त दबाव न पड़े.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र ने समय रहते कदम नहीं उठाया तो राज्य सरकार आंदोलन को अगले स्तर तक ले जाएगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 15 जून के बाद खरीदा गया धान केंद्रीय मंत्रियों के आवास और संबंधित राजनीतिक दलों के कार्यालयों तक पहुंचाया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य के पास लगातार बढ़ रहे स्टॉक को संभालने के सीमित विकल्प बचे हैं.
रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना सरकार किसानों से खरीदी गई उपज को लंबे समय तक रोककर नहीं रख सकती. उन्होंने दावा किया कि धान के साथ मक्का और अन्य फसलों की स्थिति भी चिंता बढ़ा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर खरीद नहीं हुई तो राज्य को आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
धान खरीद विवाद के साथ मुख्यमंत्री ने अंतरराज्यीय सिंचाई मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने प्रणहिता-चेवेला परियोजना से जुड़े तुम्मिडीहेत्ती मामले का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय से महाराष्ट्र से सहयोग की मांग की जा रही है, लेकिन समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना तेलंगाना के कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण है और इसके लिए महाराष्ट्र से लगभग 2,000 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर केंद्रीय स्तर से पर्याप्त पहल नहीं हो रही है. राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य विवाद बढ़ाना नहीं, बल्कि समाधान निकालना है. (एएनआई)
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