किसान जागृति यात्रा सिरसा पहुंची, 19 मार्च को दिल्‍ली कूच का प्‍लान, जानिए क्‍या बोले किसान नेता

किसान जागृति यात्रा सिरसा पहुंची, 19 मार्च को दिल्‍ली कूच का प्‍लान, जानिए क्‍या बोले किसान नेता

सिरसा में किसान जागृति यात्रा के दौरान MSP गारंटी और भारत-अमेरिका समझौते को लेकर तीखे सुर सुनाई दिए. किसान नेताओं ने 19 मार्च को दिल्ली कूच का ऐलान किया है. पढ़ें पूरी खबर...

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किसान जागृति यात्रा सिरसा पहुंची, 19 मार्च को दिल्‍ली कूच का प्‍लान, जानिए क्‍या बोले किसान नेतासिरसा में लगी किसान पंचायत

हरियाणा के सिरसा जिले में किसान जागृति यात्रा के पहुंचने पर राजनीतिक और कृषि मुद्दों को लेकर माहौल गर्म नजर आया. ओढ़ां में आयोजित किसान पंचायत में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया. इसके बाद डबवाली पहुंची यात्रा का किसानों ने स्वागत किया. यहां आयोजित सभा में किसान नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए.

C2 प्‍लस 50 फॉर्मुले पर MSP का उठाया मुद्दा

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के तहत C2+50 प्रतिशत फार्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने का वादा किया था. उन्‍होंने आरोप लगाया कि लंबे समय बीत जाने के बावजूद इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए.
 
उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने उपभोक्ता मामलों के वर्किंग ग्रुप के चेयरमैन के रूप में MSP पर गारंटी कानून बनाने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र में सत्ता संभालने के बाद वही पहल आगे नहीं बढ़ाई गई.

19 मार्च को लेकर किसान नेता का ऐलान

सभा में किसान नेता गुरदास सिंह ने घोषणा की कि 19 मार्च को उनके क्षेत्र से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में प्रस्तावित किसान पंचायत में शामिल होंगे. उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को लेकर किसानों में गहरी नाराजगी जताई और आशंका व्यक्त की कि इससे घरेलू कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

ट्रेड डील को लेकर किसानों में गुस्‍सा

किसान नेता अरुण पटेल ने कहा कि विभिन्न राज्यों से मिल रही सूचनाओं के आधार पर किसान 19 मार्च को दिल्ली पहुंचने की व्यापक तैयारी कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते से जुड़ी जानकारियां पूरी तरह सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं, जिससे किसानों में असंतोष बढ़ रहा है.

पंचायत में कई किसान नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया और एकजुट होकर MSP की कानूनी गारंटी तथा व्यापार नीतियों में पारदर्शिता की मांग दोहराई. कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने आंदोलन को व्यापक बनाने का आह्वान किया.

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