हरियाणा CM ने बैठक में उठाई आवाज (File Photo: PTI)हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्यों के वित्त मंत्रियों और वित्त सचिवों की बैठक में खेती, पानी की सुरक्षा और ग्रीन एनर्जी को मजबूत करने के लिए ज्यादा वित्तीय मदद की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में किसानों की भूमिका बहुत अहम है. बैठक में राज्यों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आने वाले वर्षों में कृषि व ऊर्जा से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए बेहतर फाइनेंसिंग पर चर्चा हुई.
बैठक में हरियाणा ने कृषि क्षेत्र के लिए एकीकृत प्राकृतिक खेती और जल सुरक्षा फंडिंग पैकेज की मांग रखी. मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि खेती को मजबूत बनाने के साथ पानी की उपलब्धता और प्राकृतिक खेती पर भी ध्यान देना जरूरी है. उनका कहना था कि किसानों की आय और कृषि व्यवस्था को मजबूत किए बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा.
हरियाणा ने बैठक में राज्य में किए जा रहे कृषि से जुड़े कामों की जानकारी भी साझा की. मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में करीब 2,000 एकड़ में कृषि क्लस्टर विकसित किया जा रहा है. इसके अलावा मोरनी ब्लॉक में किसान सब्जियों और मसालों की खेती कर रहे हैं. इन क्षेत्रों में किसानों को खेती से जुड़ी बेहतर सुविधाएं देने पर काम किया जा रहा है.
हरियाणा ने 'मेरा फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल का अनुभव भी दूसरे राज्यों के साथ साझा किया. इस पोर्टल के जरिए किसानों की फसलों से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाती है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था से केंद्र सरकार को कृषि सब्सिडी के मामले में करीब 900 करोड़ रुपये की बचत हुई है.
बैठक में किसान उत्पादक संगठन यानी FPO को मजबूत करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई. FPO के जरिए किसान मिलकर काम कर सकते हैं और अपनी उपज की खरीद-बिक्री को बेहतर तरीके से कर सकते हैं. सैनी ने बताया कि हरियाणा ने किसानों को संगठित करने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए FPO मिशन शुरू किया है.
हरियाणा ने जल सुरक्षा को लेकर भी अपना अनुभव साझा किया. मुख्यमंत्री के अनुसार, करीब 6 लाख एकड़ जमीन को सेमा नदी से जोड़ा गया है और नदी से जुड़ी जमीन को मुक्त कराने के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं. पिछले साल राज्य ने 1.25 लाख एकड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1 लाख एकड़ जमीन का काम पूरा किया था. इस साल यह लक्ष्य बढ़ाकर 1.5 लाख एकड़ कर दिया गया है.
वित्त मंत्रियों की बैठक में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन एनर्जी को बढ़ाने के विजन के तहत राज्यों को इस क्षेत्र में वित्तीय व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है. बैठक में राज्यों को ग्रीन एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए बेहतर फंडिंग और विकास की संभावनाओं पर सुझाव मिले.
यह बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई. इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों और वित्त सचिवों ने विकास और वित्तीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. सैनी ने उम्मीद जताई कि बैठक में लिए गए फैसलों से राज्यों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कृषि, पानी तथा ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विकास को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. (ANI)
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