कावेरी के पानी पर सियासी संग्राम, स्टालिन ने TVK सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कावेरी के पानी पर सियासी संग्राम, स्टालिन ने TVK सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

तमिलनाडु में कावेरी जल विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है. डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने TVK सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कावेरी का पानी, कर्ज माफी और राहत पैकेज जैसी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. उन्होंने मेकेदातु परियोजना पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी मांग की.

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कावेरी के पानी पर सियासी संग्राम, स्टालिन ने TVK सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनीएमके स्‍टालिन (फाइल फोटो)

तमिलनाडु में कावेरी नदी के पानी को लेकर राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. द्रविड मुनेत्र कषगम (डीएमके) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य की टीवीके सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया. उन्‍होंने चेतावनी दी कि किसानों की मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिस समय कावेरी का पानी डेल्टा क्षेत्र तक पहुंच जाना चाहिए था, उस समय किसान अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं.

12 जून तक आ जाना चाहिए था कावेरी का पानी

एम.के. स्टालिन ने कहा कि कावेरी का पानी सामान्य तौर पर 12 जून तक तमिलनाडु पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन अगस्त शुरू होने के बावजूद राज्य को पानी नहीं मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे डेल्टा क्षेत्र के किसानों की खेती प्रभावित हो रही है और उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर साधा निशाना

स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर कर्नाटक सरकार के खिलाफ चुप्पी साधने का आरोप लगाया. उन्होंने सवाल उठाया कि कर्नाटक द्वारा पानी नहीं छोड़े जाने पर राज्य सरकार ने अब तक कोई कड़ा विरोध क्यों नहीं किया. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या किसानों की आजीविका से समझौता सिर्फ पड़ोसी राज्य के साथ संबंधों या अन्य कारणों से किया जा रहा है.

मेकेदातु परियोजना पर सर्वदलीय बैठक की मांग

डीएमके प्रमुख ने कहा कि कर्नाटक में मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, लेकिन तमिलनाडु सरकार ने अब तक ऐसी कोई पहल नहीं की. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य के सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर कावेरी और मेकेदातु परियोजना के मुद्दे पर साझा रणनीति तैयार की जाए.

किसानों के लिए राहत पैकेज और कर्ज माफी की मांग

एम.के. स्टालिन ने राज्य सरकार से किसानों के फसल लोन की पूर्ण माफी लागू करने, कुरुवई फसल के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने और कावेरी डेल्टा के जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि कावेरी नदी पर तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार को प्रभावी और ठोस कदम उठाने चाहिए. डीएमके किसानों की मांगें पूरी होने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी.

उदयनिधि स्टालिन ने भी सरकार को घेरा

विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने तंजावुर में आयोजित डीएमके के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया. उन्होंने आरोप लगाया कि मेकेदातु परियोजना के विरोध में दिल्ली जा रहे तमिलनाडु के किसानों को महाराष्ट्र में गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. उदयनिधि ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय अपनी राजनीतिक स्थिति बचाने में अधिक रुचि दिखा रही है.

पुराना है कावेरी जल विवाद

कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कई वर्षों से विवाद चला आ रहा है. कम बारिश वाले सालों में पानी के बंटवारे का मुद्दा और ज्‍यादा संवेदनशील हो जाता है. हाल के समय में कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वायर परियोजना को लेकर यह विवाद फिर तेज हुआ है, क्योंकि तमिलनाडु का कहना है कि इससे राज्य के हिस्से में आने वाले पानी का बहाव प्रभावित हो सकता है. (एएनआई)

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