
उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से किसान तक द्वारा संचालित किसान कारवां कानपुर देहात जिले के ढूंढी बरी गांव पहुंचा. 75 जिलों की व्यापक कवरेज के तहत यह किसान कारवां का 15वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विभाग के अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता देखने को मिली.

कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत तकनीक, फसल प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी. विशेषज्ञों ने कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी. किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनका समाधान मौके पर ही किया गया.

किसान कारवां के पहले चरण में चंबल फर्टिलाइजर के असिस्टेंट मार्केटिंग मैनेजर अनुराग कटियार ने बताया कि आज किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया और कीटनाशकों का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे मिट्टी का स्वास्थ्य खराब हो रहा है. उन्होंने मिट्टी की जांच को जरूरी बताते हुए बताया कि उत्तम सुपर राजा और उत्तम प्रणाम जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट उत्पादन बढ़ाने के साथ मिट्टी की पोषक क्षमता भी सुधारते हैं.

दूसरे चरण में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता ने फार्मर रजिस्ट्री के फायदे बताते हुए कहा कि इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है. उन्होंने उन्नत बीजों की मिनी किट योजना की जानकारी दी, जिसमें रजिस्ट्रेशन के बाद लॉटरी के माध्यम से चयनित किसानों को मुफ्त बीज उपलब्ध कराए जाते हैं.

तीसरे चरण में पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. हर्ष गौतम ने बकरी पालन और पशुपालन से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने नंदिनी योजना और नंद बाबा योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इन योजनाओं के तहत किसानों को 35 से 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दिया जा रहा है.

चौथे चरण में कृषि विज्ञान केंद्र कानपुर देहात के वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में बागवानी फसलों की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि अमरूद और आंवला जैसी फसलें किसानों को 15 से 20 वर्षों तक नियमित आय दे सकती हैं.

पांचवें चरण में कृषि विज्ञान केंद्र की महिला वैज्ञानिक डॉ. निमिषा अवस्थी ने मूल्य संवर्धन के महत्व को समझाया. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि दूध से दही, पनीर और घी बनाकर किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं. साथ ही उन्होंने कुपोषण और एनीमिया से बचाव के लिए घर में पोषण वाटिका लगाने की सलाह दी.

छठे चरण में कृषि विभाग के वीटीएम अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने फार्म मशीनरी योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर सहित अलग-अलग कृषि यंत्रों की खरीद पर सरकार सब्सिडी दे रही है. फार्मर रजिस्ट्री से किसानों की जमीन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी.

सातवें चरण में डेरापुर कृषि बीज भंडार के प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि सरकार बीजों पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है. जायद और खरीफ फसलों के लिए मिनी किट योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है.

आठवें चरण में जादूगर सलमान ने रोचक प्रस्तुति के माध्यम से मिल-जुलकर खेती करने के फायदे बताएं और किसानों को एकजुटता का संदेश दिया. साथ ही योजनाओं का लाभ कैसे लें ये भी अपनी जादूगरी के माध्यम से बताया.

नवें चरण में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 500 रुपये के 10 पुरस्कार, 2000 रुपये का द्वितीय पुरस्कार और 3000 रुपये का प्रथम पुरस्कार वितरित किया गया, जिसमें प्रथम पुरस्कार किसान रामकेश, जबकि द्वितीय पुरस्कार किसान कामरान ने जीता.
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