
किसान तक का किसान कारवां अपने तीसरे पड़ाव पर पहुंच चुका है. नए साल में 2 जनवरी को किसान तक का किसान कारवां उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के लखनपुर गांव पहुंचा. यहां सैकड़ों की संख्या में किसान जुटे हैं.

किसान कारवां तीसरे दिन बदायूं के लखनपुर गांव पहुंचा. इस दौरान गांव के किसानों के साथ केवीके से डॉ रौशन, कृषि विशेषज्ञ मनोज कुमार, पशुपालन से डॉ. अब्दुल, एफपीओ से अमन राठौड़ के साथ प्रगतिशील किसान राधेश्याम और निखिल शर्मा मौजूद रहे.

75 जिलों की इस कवरेज में यह तीसरा जिला रहा, जहां सैकड़ों किसानों ने यूपी सरकार की योजनाओं की जानकारी हासिल की. इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी. जहां किसानों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की.

कार्यक्रम को छह चरणों में आयोजित किया गया. पहले चरण में कृषि विज्ञान केंद्र बदायूं के डॉ. रौशन कुमार सिंह (पशुधन वैज्ञानिक) ने एफएमडी रोग, जो बदायूं जिले में फैला हुआ है, उसके बारे में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने इसके इलाज के देसी जुगाड़ के बारे में किसानों को अवगत कराया.

दूसरे चरण में जिला कृषि अधिकारी मनोज रावत द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर जानकारी दी गई. उन्होंने बताया कि जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से कौन-सी फसल कितने क्षेत्र में बोई गई है. साथ ही उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री के होने वाले फायदों के बारे में अवगत कराया.

तीसरे चरण में पशुपालन विभाग से बदायूं जिले के उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अब्दुल रहीम ने पशुओं में होने वाले रोगों सहित सरकार की ओर से जिले में चल रही पशुओं से जुड़ी योजनाओं के बारे में अवगत कराया.

कार्यक्रम के दौरान जादूगर द्वारा प्रस्तुत रोचक कलाओं ने किसानों का खूब मनोरंजन किया, चौथे चरण में जादूगर द्वारा अपने कलाओं के जरिए किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी दी गई.

पांचवें चरण में मनोज कुमार, सीनियर टेक्निकल असिस्टेंट (ग्रुप-ए), कृषि विभाग द्वारा किसानों को राज्य सरकार द्वारा कृषि यंत्रों पर मिल रहे अनुदान को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई और यह बताया गया कि सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं को कैसे हासिल किया जाए.

छठवें चरण में अनिल कुमार, इफको बदायूं द्वारा नैनो यूरिया के उपयोग को लेकर पूरी जानकारी दी गई. साथ ही गेहूं में इसके उपयोग को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई, और प्रगतिशील किसान एफपीओ के अमन राठौर ने अपने अनुभव साझा किए.

बता दें कि गंगा और रामगंगा नदियों के किनारे बसा बदायूं जिला अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के साथ-साथ कृषि की संपन्नता के लिए भी जाना जाता है. यहां के खेतों में गेहूं, गन्ना, धान, आलू, दालें और बागवानी फसलों की खेती जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.
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