
महाराष्ट्र के जालना जिले में नकली तूर यानी अरहर बीज के कारण एक किसान को भारी आर्थिक नुकसान होने का गंभीर मामला सामने आया है. दरअसल, अंबड तहसील के कर्जत गांव के किसान राधाकिसन पंढरीनाथ डोंगरे ने ‘मुन्नी’ किस्म का तूर बीज खरीदा था.

लेकिन यह बीज कथित रूप से बोगस यानी निकलने से उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई. किसान राधाकिसन डोंगरे ने बताया कि उन्होंने खेती के लिए महंगे बीज, खाद, कीटनाशक दवाइयां, जुताई, बुवाई और फवारनी पर करीब पांच से छह लाख रुपये खर्च किए थे.

समय पर सिंचाई और देखभाल करने के बावजूद फसल में अपेक्षित बढ़वार नहीं हुई और उत्पादन लगभग न के बराबर रहा. इससे उन्हें भारी आर्थिक झटका लगा है. इस मामले में किसान ने 12 जनवरी को कृषि विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी.

शिकायत के बाद 16 जनवरी को कृषि विभाग के अधिकारियों ने खेत पर जाकर फसल की जांच की और पंचनामा तैयार किया. इस दौरान संबंधित बीज कंपनी के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद थे. हाल ही में मिले पंचनामा रिपोर्ट में किसान का नुकसान केवल 50 प्रतिशत बताया गया है.

हालांकि, किसान राधाकिसन डोंगरे का आरोप है कि उनका 100 प्रतिशत नुकसान हुआ है और रिपोर्ट कंपनी के दबाव में तैयार की गई है. उन्होंने निष्पक्ष जांच कर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और पूरी भरपाई देने की मांग की है.

किसान का कहना है कि यदि जल्द से जल्द उचित मुआवजा नहीं मिला तो वे जालना जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्महत्या करने को मजबूर होंगे.

इस चेतावनी के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है. फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने जिले में बीज गुणवत्ता नियंत्रण और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. (गौरव विजय साली की रिपोर्ट)
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