
ललितपुर जिले के पिपरा गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां आया. यहां बहुत सारे महिला और पुरुष किसान और युवा आए. उन्होंने खेती और पशुपालन के बारे में नई बातें सीखीं और खुश होकर घर लौटे.

कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी किसानों को नई खेती और पशुपालन की बातें बताते रहे. उन्होंने कहा कि नई तकनीक अपनाने से खेती आसान होती है और आमदनी बढ़ती है.

कृषि विभाग के तरुण जामर ने बताया कि जो किसान फॉर्मर आईडी बनाएगा, वही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि पाएगा.
कृषि यंत्र लेने के लिए पहले टोकन लेना जरूरी है.

डॉ. संदीप कुमार ने बकरी और मुर्गी पालन की योजनाओं की जानकारी दी. बकरी पालन पर 90% तक अनुदान मिलता है. अब हर ब्लॉक और जिला स्तर पर पशु औषधि केंद्र बनाए जाएंगे.

डॉ. मुकेश चंद अग्रवाल ने बताया कि ललितपुर में गेहूं की जगह दलहन और फलदार बागवानी करें. अमरूद, बेर, आंवला, नींबू और आम उगाए जा सकते हैं. किसान एक फसल के साथ दूसरी फसल भी उगाएं.

जिला उद्यान निरीक्षक रंजीत कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और बागवानी मिशन से 65-75% तक अनुदान मिलता है. ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर पर 80-90% तक अनुदान मिलता है.

डॉ. अनुज कुमार गौतम ने बताया कि केंचुआ खाद (वर्मी कंपोस्ट) लगाकर किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं. बकरी की लीद से बनने वाली खाद का सही इस्तेमाल भी सिखाया गया.

मैजिशियन सलमान ने जादू के जरिए खेती की बातें बताईं और गोबर खाद व पशुपालन का सुझाव दिया. लकी ड्रा में 12 विजेताओं को 500 रुपये और 4 किसानों को 1000 रुपये दिए गए. किसान कारवां कार्यक्रम सफल रहा और किसानों ने नई तकनीक सीखकर आय बढ़ाने का तरीका जाना.
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