
अंजीर एक स्वादिष्ट और सेहतमंद फल है, जिसे आप घर की बालकनी या छत पर भी आसानी से उगा सकते हैं. सही किस्म का पौधा, बड़ा गमला और थोड़ी देखभाल के साथ इसे होम गार्डन का हिस्सा बनाया जा सकता है, क्योंकि बाजार में अंजीर की कीमत ज्यादा होने के कारण घर में इसका पौधा लगाना एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है.

यह पौधा दिखने में जितना खूबसूरत लगता है, इसके फल सेहत के लिए उतने ही फायदेमंद होते हैं. बरसात के मौसम में अगर इस पौधे की थोड़ी सी देखभाल कर ली जाए तो इसकी ग्रोथ बेहतर होने लगती है. बारिश के दिनों में सही जल निकासी, जैविक खाद और उचित देखभाल से गमले में लगा अंजीर का पौधा तेजी से बढ़ सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कम जगह में इस कीमती फल को गमले में उगाने का सही तरीका.

घर में अंजीर उगाने के लिए सबसे पहले आपको कम से कम 12 से 14 इंच का बड़ा गमला चुनना चाहिए. जिसमें पानी निकलने के लिए अच्छे ड्रेनेज होल हों. मिट्टी तैयार करते समय 50 फीसदी सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत गोबर की खाद या केंचुआ खाद और 20 फीसदी रेत या कोकोपीट मिलाएं जिससे मिट्टी एकदम भुरभुरी और हवादार बने.

बरसात के मौसम में अंजीर के पौधे की देखभाल करते समय पानी का खास ध्यान रखना जरूरी होता है. ज्यादा बारिश या गमले में पानी जमा होने से पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए गमले में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था रखें और जरूरत के हिसाब से ही पानी दें.

नर्सरी से हमेशा अंजीर की ब्राउन तुर्की या ब्लैक मिशन जैसी हाइब्रिड वैरायटी का ग्राफ्टेड पौधा ही लाएं. क्योंकि इन पौधों में बहुत जल्दी और भरपूर फल आने लगते हैं. पौधा लगाने के बाद गमले को अपने घर की ऐसी जगह पर शिफ्ट कर दें जहां दिनभर में कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी और सीधी धूप बहुत आसानी से आती हो.

पौधे को तेज धूप से बचाने के लिए मल्चिंग तकनीक अपनाएं. इसके लिए मिट्टी के ऊपर सूखी पत्तियां, भूसा या कंकड़ बिछा दें, जिससे नमी लंबे समय तक बनी रहती है और जड़ों को गर्मी से राहत मिलती है.

हर 20 से 25 दिनों में मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें और पौधे में गोबर की खाद या जैविक खाद डालें, ताकि पौधे को जरूरी पोषण मिलता रहे. पौधे के बड़ा होने पर सूखी और कमजोर टहनियों की समय-समय पर प्रूनिंग यानी कटाई-छंटाई करते रहें. इससे नए कल्ले निकलते हैं और पौधा ज्यादा स्वस्थ होकर अच्छी पैदावार देता है.
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