
बिहार के दरभंगा शहर के लालबाग स्थित लक्ष्मेश्वर पब्लिक लाइब्रेरी में नॉर्थ बिहार हॉर्टिकल्चर सोसाइटी की ओर से 33वीं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. इस पुष्प प्रदर्शनी में हजारों तरह के फूल पत्तियों से भरे गमले सजाए गए थे. इस पुष्प प्रदर्शनी का मुख्य उदेश्य पेड़ पौधों की रक्षा करना और पर्यावरण के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करना है.

पुष्प प्रदर्शनी में फूलों की आकर्षण न सिर्फ शहरवासियों को बल्कि दूसरे ज़िले के लोगों को भी अपनी ओर स्वतः खिंच लाती है यही वजह है की यहां लोगों की भीड़ भी काफी जयादा होती है और पुष्प प्रदर्शनी का समय भी वर्ष के अंतिम दिन यानी 31 दिसंबर से लेकर नए वर्ष के आगमन यानी एक जनवरी तक आम लोगों के लिए खोल दिया जाता है.

ऐसे में लोग बीतते वर्ष की विदाई और नए वर्ष के आगमन पर इन फूलों के बीच कर आनंदित हो जाते हैं. इसी पुष्प प्रदर्शनी को देखने बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी पहुंचे, जहां उन्होंने फूलों के बीच पहुंच प्रकृति की गोद में होने का महसूस किया. वही, आम लोग भी इस पुष्प प्रदर्शनी में खूब मजे लिए और रंग बिरंगे फूलों के साथ अपना समय बिताया.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी पुष्प प्रदर्शनी की तारीफ़ करते हुए दरभंगा को बहुत जल्द बड़ी सौगात मिलने की बात कही. उन्होंने इशारो ही इशारों में बता दिया की बंद पड़े दरभंगा अशोक पेपर मिल के चार सौ एकड़ जमीन पर सरकार बहुत बड़ा काम करने जा रही है. इसकी घोषणा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बहुत जल्द करने वाले हैं.

संजय सरावगी ने कहा कि पिछले 33 वर्षो से नॉर्थ बिहार हॉर्टिकल्चर सोसाइटी की तरफ से दरभंगा में एक बड़ा पुष्प प्रदर्शनी लगाया जाता है. इससे आम लोगो के आलावा नई पीढ़ी के बच्चों को प्रकृति से जुड़ने का और उसकी रक्षा करने की सिख भी मिलती है. आज ग्लोबल वार्मिंग के समय में ऐसे आयोजन करने से लोग पुष्प प्रेमी बनते, पर्यावरण प्रेमी बनते है पेड़ लगाने पुष्प के पौधे लगाने की उन्हें प्रेरणा मिलती है.

आज बिहार में बड़ी संख्या में ऐसे भी किसान है जिनका यह रोजी रोजगार है. वे अपना परिवार चलाते हैं और दरभंगा का यह पुष्प प्रदर्शनी बिहार के कुछ गिने चुने पुष्प प्रदर्शनी में से एक है. यहां प्रत्येक वर्ष यह पुष्प प्रदर्शनी से नए नए लोग भी प्रकृति से जुड़ते हैं. आज ग्लोबल वार्मिंग के कारण पानी का लेयर नीचे जा रहा है बेमौसम बारिश तो कभी बेमौसम सूखा , ठंड और गर्मी होने लगता है.

संजय सरावगी ने आगे कहा की उन्होंने खुद बिहार के उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की है. दरभंगा जिले के हायाघाट में बंद प्रे अशोक पेपर मिल की चार सौ एकड़ जमींन पर बड़ा काम होने वाला है, यहां एक बड़ा उद्योग या फिर उसी मिलता जुलता कुछ बनने वाला है. (प्रहलाद कुमार की रिपोर्ट)
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