किसानों का बड़ा हल्लाबोलपंजाब के संगरूर में प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों ने बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया है. सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ जिला उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंच गए हैं. किसानों ने कार्यालय की ओर जाने वाले दोनों मुख्य रास्तों को घेर लिया है और यहां लंबे समय तक धरना देने की तैयारी कर ली है. प्रदर्शन में शामिल किसान अपने साथ जरूरत का लगभग पूरा सामान लेकर पहुंचे हैं. ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में राशन, चारपाई, चूल्हे, पंखे और यहां तक कि कुछ ट्रॉलियों में एसी की भी व्यवस्था की गई है. ट्रॉलियों को ही किसानों ने रहने और खाने के लिए अस्थायी ठिकाने में बदल दिया है. इससे संकेत मिल रहा है कि किसान कुछ दिनों के प्रदर्शन के बाद वापस जाने के बजाय अपनी मांगें पूरी होने तक धरने पर डटे रहने की तैयारी में हैं.
किसानों के इस प्रदर्शन की मुख्य वजह प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील है. किसानों को आशंका है कि इस समझौते का असर कृषि क्षेत्र और उनकी आमदनी पर पड़ सकता है. उनका कहना है कि अगर कृषि उत्पादों से जुड़े नियमों में बदलाव होता है या विदेशी उत्पादों की बाजार में पहुंच बढ़ती है तो इसका दबाव भारतीय किसानों पर पड़ सकता है. ट्रेड डील के विरोध के साथ किसान कई अन्य मांगें भी उठा रहे हैं. इनमें किसान-मजदूरों की पूरी कर्जमाफी, सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी और नई कृषि नीति लागू करने की मांग प्रमुख है. इसके अलावा जमीन अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों समेत कुल 13 मांगों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं.
संगरूर में यह आंदोलन भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की अगुवाई में किया जा रहा है. संगठन ने कहा है कि जब तक किसानों की मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से ठोस बातचीत और समाधान की दिशा में कदम नहीं उठाया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा. किसानों ने प्रदर्शन स्थल पर लंबे समय तक रहने के लिए पहले से तैयारियां की हैं. ट्रॉलियों में चारपाई और खाने-पीने का सामान रखा गया है. गर्मी को देखते हुए पंखों का इंतजाम किया गया है, जबकि कुछ ट्रॉलियों में एसी भी लगाए गए हैं. किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं.
डीसी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पहुंचने से इलाके में प्रदर्शन का माहौल बना हुआ है. किसानों के लंबे धरने की तैयारी को देखते हुए अब प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत महत्वपूर्ण हो गई है. फिलहाल किसानों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर मजबूती से खड़े हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों से बातचीत के जरिए इस आंदोलन को खत्म कराने के लिए क्या कदम उठाता है. संगरूर में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ किसानों का यह जमावड़ा बताता है कि वे इस बार लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ मैदान में उतरे हैं. (कुलवीर सिंह की रिपोर्ट)
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