किसानों का प्रदर्शनपंजाब के फिरोजपुर में खाने वाले सामानों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करने वाले फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर अभिनव खोसला के निलंबन को लेकर लोगों में नाराजगी है. गुरुवार को उनके निलंबन के विरोध में पब्लिक एनजीओ और किसान संगठनों ने फिरोजपुर-लुधियाना हाईवे पर धरना देकर जाम लगा दिया. प्रदर्शनकारी सुबह 11 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक सड़क पर बैठे रहे. उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अभिनव खोसला का निलंबन रद्द करने और उन्हें दोबारा फिरोजपुर में तैनात करने की मांग की है.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभिनव खोसला ने फिरोजपुर में तैनाती के बाद खाने वाले सामानों में मिलावट के खिलाफ लगातार कार्रवाई की थी. उनकी टीम ने मिलावटी खोया, नकली पनीर, रंगों वाली मिठाइयों, देसी घी और दूसरे खाने वाली चीजों की जांच की थी. इसके अलावा दुकानों, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और लाइसेंस से जुड़ी कमियों पर भी कार्रवाई की गई थी. प्रदर्शनकारी किसानों का मानना है कि मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारी को निलंबित किए जाने से मिलावटखोरों का हौसला बढ़ सकता है. इसी वजह से उन्होंने अधिकारी के समर्थन में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया.
अभिनव खोसला ने 24 जून 2026 को फिरोजपुर में फूड सेफ्टी शाखा का कार्यभार संभाला था. करीब तीन महीने के कार्यकाल के दौरान उनकी टीम ने त्योहारों के सीजन को देखते हुए मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के लिए अभियान चलाया था. इस दौरान बाहर से आने वाली मिठाइयों की सप्लाई के साथ स्ट्रीट फूड, ढाबों, दुकानों और दूसरे खाद्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई थी. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसे समय में, जब त्योहारों के दौरान मिलावट की आशंका बढ़ जाती है, खाद्य पदार्थों की जांच और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई बेहद जरूरी है.
पंजाब फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के कमिश्नर ने पंजाब सिविल सेवा नियमावली, 1970 के नियम 8 के तहत अभिनव खोसला को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है. निलंबन के दौरान उन्हें सिविल सर्जन मुख्यालय, तरनतारन में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं. हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक उनके निलंबन की असली वजह को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
प्रदर्शनकारी किसानों ने साफ कहा कि उनकी मांग सिर्फ निलंबन रद्द करने तक सीमित नहीं है. वे चाहते हैं कि अभिनव खोसला को दोबारा फिरोजपुर में ही तैनात किया जाए, ताकि मिलावट के खिलाफ कार्रवाई जारी रह सके. प्रदर्शन के कारण फिरोजपुर-लुधियाना हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो जल्द ही नए और बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाएगा. अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं. (अक्षय कुमार की रिपोर्ट)
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