एक्टर ही नहीं किसान भी थे नाना पाटेकर, जरूरतमंदों को देते थे खेती की कमाई

एक्टर ही नहीं किसान भी थे नाना पाटेकर, जरूरतमंदों को देते थे खेती की कमाई

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से बॉलीवुड और मराठी सिनेमा में शोक की लहर है. दमदार एक्टिंग के लिए मशहूर नाना पाटेकर का किसानों से भी गहरा जुड़ाव था. वह खुद खेती करते थे और अपनी फसल से होने वाली कमाई जरूरतमंद किसानों की मदद में लगा देते थे.

Advertisement
एक्टर ही नहीं किसान भी थे नाना पाटेकर, जरूरतमंदों को देते थे खेती की कमाईनाना पाटेकर

फिल्म इंडस्ट्री से बेहद दुखद खबर सामने आई है. दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. अपनी दमदार एक्टिंग और कड़क आवाज के लिए मशहूर नाना पाटेकर सिर्फ एक बड़े अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि किसानों से भी उनका गहरा जुड़ाव था. वह खुद खेती करते थे और किसानों की मदद के लिए लगातार काम करते थे. किसानों के परिवारों की मदद के अलावा उन्होंने बीज बांटने और आर्थिक सहायता देने जैसे कई काम किए.

27 एकड़ के फार्म हाउस में करते थे खेती

नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को मुंबई में हुआ था. बचपन में उन्होंने आर्थिक तंगी का सामना किया था. यही वजह थी कि वह किसानों और आम लोगों की परेशानियों को काफी करीब से समझते थे. नाना पाटेकर का पुणे के पास खड़कवासला गांव में करीब 27 एकड़ का फार्म हाउस था. वह अपना काफी समय यहां बिताते थे. फार्म हाउस में सात कमरे थे और इसकी ज्यादातर जमीन का इस्तेमाल नाना पाटेकर खेती के लिए करते थे.

नाना इन फसलों की करते थे खेती

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां नाना पाटेकर गेहूं, चना और धान जैसी फसलों की खेती करते थे. इन फसलों को महाराष्ट्र में बेचने के बाद उनसे मिलने वाली कमाई का इस्तेमाल जरूरतमंद किसानों की मदद के लिए किया जाता था. बताया जाता है कि खेती से होने वाली कमाई को किसानों के बीच बांटने की शुरुआत उन्होंने अपने फार्म हाउस पर काम करने वाले लोगों से की थी.

बाढ़ के बाद किसानों को बांटे थे बीज

अक्टूबर 2025 में महाराष्ट्र में आई बाढ़ से कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं. ऐसे समय में भी नाना पाटेकर ने किसानों की मदद की थी. नाना पाटेकर और अभिनेता मकरंद अनासपुरे की ओर से स्थापित संगठन ने लातूर जिले में किसानों को चना और ज्वार के करीब 2,000 बैग बीज बांटे थे. इसका मकसद फसल बर्बाद होने के बाद किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद करना था.

नाना के किसान प्रेम के मुरीद हुए CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं हैं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी हैं. उन्होंने बताया कि जब महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे थे, तब किसानों और उनके परिवारों की मदद के लिए नाना पाटेकर आगे आए थे. योगी ने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरानी हुई थी कि इतना बड़ा अभिनेता किसानों के लिए जमीन पर काम कर रहा है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, नाना पाटेकर ने इस काम को प्रचार का माध्यम नहीं बनाया और चुपचाप जरूरतमंद किसानों की मदद करते रहे.

नाना ने किसान आंदोलन का किया था समर्थन

नाना पाटेकर ने किसान आंदोलन का खुलकर समर्थन किया था. उन्होंने कहा था कि वो खुद तय करें कि उन्हें देश में किसकी सरकार लानी है. वो नासिक जिले में आयोजित किसान साहित्य सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर पाटेकर ने किसानों को उनकी उपज का सही दाम न मिल पाने को लेकर राजनेताओं को खरी खोटी सुनाई. नाना ने कहा कि रोज़ सोने की कीमतें बढ़ती हैं लेकिन हमारे दैनिक जीवन के लिए कीमती गेहूं और चावल के दाम क्यों नहीं बढ़ रहे हैं? जिससे कि किसानों को भी मुनाफा हो.

पाटेकर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह गंभीर बात है कि सरकार देश को प्रतिदिन अन्न उपलब्ध कराने वाले किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करती है. ऐसी उपेक्षापूर्ण सरकार से अब किसानों को कुछ नहीं मांगना चाहिए. किसानों को यह तय करने की शक्ति पैदा करनी चाहिए कि अब कौन सी सरकार होगी. ऐसा होगा तभी किसानों की सुनी जाएगी.

POST A COMMENT