कंगना रनौतमानहानि मामले में भाजपा सांसद और बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को बठिंडा कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने अतिरिक्त सबूत और कंगना रनौत की स्थायी छूट की अर्जी दोनों को स्वीकार कर लिया है. कंगना रनौत ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि एक एक्ट्रेस होने के नाते उनका शेड्यूल बहुत बिज़ी रहता है, और सुरक्षा कारणों से व्यक्तिगत रूप से पेश होने से जिला प्रशासन पर भी काफी बोझ पड़ता है. कंगना ने एयरपोर्ट पर अपने साथ हुई पिछली घटना का ज़िक्र किया और कहा कि अगर वह बठिंडा आती हैं, तो उन्हें नुकसान हो सकता है. वहीं, कोर्ट ने अगली तारीख 27 जनवरी तय की है.
दरअसल, ये विवाद 2020-21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है. बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडिया गांव की बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर ने जनवरी 2021 में कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप था कि कंगना ने सोशल मीडिया (X) पर महिंदर कौर की फोटो शेयर करते हुए टिप्पणी की थी कि ‘ऐसी बुजुर्ग महिलाएं धरने में 100-100 रुपये लेकर आती हैं’. जिसे बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर ने इसे अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताया था और बठिंडा कोर्ट में मानहानि का केस दाखिल किया था.
हालांकि, इस पूरे मामले में कोर्ट के अंदर कंगना रनौत ने माफी मांग ली थी और कंगना ने दावा किया था कि ये ट्वीट गलती से रिट्वीट था और उन्होंने किसी को जानकर टारगेट नहीं किया, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे मानहानिकारक माना और माफी को नकार दिया. मामला IPC की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत दर्ज है.
अक्टूबर 2025 में कंगना रनौत पहली बार कोर्ट में पेश हुई थीं और जमानत मिली थी. तब उन्होंने मौखिक रूप से माफी मांगी थी, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया. नवंबर 2025 में चार्ज फ्रेम हो गए. कंगना रनौत ने सुप्रीम कोर्ट और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में केस रद्द करने की याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों जगह राहत नहीं मिली. दिसंबर 2025 में भी वे पेश नहीं हुईं और छूट मिली थी, लेकिन कोर्ट ने उस दौरान चेतावनी दी थी. लेकिन आज का फैसला उनके लिए राहत वाला है.
5 साल में एक बार भी कंगना रनौत और किसान मोहिंदर कौर एक दूसरे से नहीं मिले हैं. कंगना ने कोर्ट में जज के सामने जरूर माफी मांगी लेकिन मोहिंदर कौर से नहीं मिलीं. मोहिंदर कौर कहती हैं कि माफी मांगने का टाइम निकल गया. माफी मांगनी थी तो उसी वक्त मांगनी चाहिए थी. अब पांच साल से मैं चप्पलें घिस रही हूं सर्दी-गर्मी बारिश हर मौसम में धक्के खा रही हूं कोर्ट के अब नहीं रुकना, अब तो जब तक लड़ाई चलेगी लड़ूंगी आखिरी सांस तक.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today