सड़क चाहिए, कीचड़ नहीं! बांका में ग्रामीणों ने धान रोपकर जताया विरोध प्रदर्शन

सड़क चाहिए, कीचड़ नहीं! बांका में ग्रामीणों ने धान रोपकर जताया विरोध प्रदर्शन

बिहार के बांका जिले में सड़क और नाली की समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने कच्ची सड़क पर धान रोपकर अनोखे तरीके से विरोध जताया. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश होते ही करीब 100 फीट रास्ते पर कीचड़ और जलजमाव हो जाता है, जिससे राहगीरों के साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी होती है

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सड़क चाहिए, कीचड़ नहीं! बांका में ग्रामीणों ने धान रोपकर जताया विरोध प्रदर्शनग्रामीणों ने कच्ची सड़क पर रोपा धान

बिहार के बांका जिले के कमड्डी गांव स्थित वार्ड संख्या 12 में सड़क और नाली की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया. आक्रोशित ग्रामीणों ने कच्ची सड़क पर धान रोपकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क और नाली की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है.

100 फीट कच्ची सड़क बनी मुसीबत

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड संख्या 12 में करीब तीन दर्जन से अधिक दलित परिवार रहते हैं. बस्ती से मुख्य ग्रामीण सड़क तक पहुंचने के लिए सरकारी रास्ता है, लेकिन दिनकर दास और गरीब दास के घर के पास से पक्की सड़क तक करीब 100 फीट रास्ता अब भी कच्चा है. बारिश होते ही इस रास्ते पर कीचड़ और पानी जमा हो जाता है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है.

कच्ची सड़क पर धान रोपकर किया प्रदर्शन

ग्रामीण दिनकर दास, गरीब दास, बटेश्वर दास, संता देवी, इंदू देवी और मीरा देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि बस्ती में नाली की समुचित व्यवस्था नहीं है. कई घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी इसी कच्ची सड़क पर बहता है. बारिश के दौरान सड़क पर जलजमाव के साथ कीचड़ की स्थिति और गंभीर हो जाती है. इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होने के साथ ही गंदगी और संक्रमण का खतरा भी बना रहता है, इसलिए हम लोगों ने धान रोपकर अपना विरोध जताया है. 

आजादी के बाद से सड़क की समस्या

ग्रामीणों ने बताया कि इसी रास्ते के पास प्राथमिक विद्यालय भी स्थित है. बरसात के दिनों में सड़क पर पानी और कीचड़ जमा रहने के कारण स्कूली बच्चों को भी विद्यालय आने-जाने में परेशानी होती है. ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के बाद से दलित बस्ती के लोग सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं. कई बार समस्या की जानकारी स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को दी गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका.

सड़क की बदहाली पर फूटा गुस्सा

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कामरेड रणवीर कुशवाहा ने कहा कि कमड्डी गांव की दलित बस्ती में सड़क और नाली की समस्या सरकारी विकास के दावों की हकीकत सामने ला रही है. ग्रामीण लंबे समय से पक्की सड़क और नाली निर्माण की मांग कर रहे हैं. अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे. इस संबंध में बीडीओ प्रभात केसरी ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी. संबंधित जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर समस्या के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. (दीपक कुमार की रिपोर्ट)

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