मृत्यु जीवन का सबसे बड़ा सत्य है. यह कब और किसके सामने आजाए, यह कहना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. कुछ ऐसा ही वाघ बकरी चाय समूह के निदेशक पराग देसाई के साथ हुआ. जो वाघ बकरी चाय ब्रांड के मालिक भी थे, उनका 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. उनके परिवार में उनकी पत्नी विदिशा और बेटी परीशा हैं. उनकी मौत के लेकर सुबह से सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल पर कई बातें चलाई जा रही हैं. ऐसे में पराग देसाई के मौत से जुड़ी एक और खबर सामने आई है. अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, 15 अक्टूबर को जब वह सड़क पर कुत्तों से बचने की कोशिश कर रहे थे, तब देसाई अपने घर के कुत्तों से बचते हुए बाहर गिर गए और उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया. एक सुरक्षा गार्ड ने परिवार को घटना के बारे में सचेत किया. जिसके बाद देसाई को इलाज के लिए पास के शेल्बी अस्पताल ले जाया गया.
सूत्रों के मुताबिक एक दिन की निगरानी के बाद उन्हें सर्जरी के लिए ज़ाइडस अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया. जहां 7 दिनों तक वो वेंटिलेटर पर थे. जिसके बाद 22 अक्टूबर को देसाई का अहमदाबाद के निजी अस्पताल में निधन हो गया. अंतिम संस्कार के लिए आज सुबह 9 बजे थलतेज श्मशान ले जाया गया और वहां देसाई को अंतिम विदाई दी गई.
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पराग देसाई वाघ बकरी चाय ग्रुप के प्रबंध निदेशक राशेष देसाई के बेटे थे. पराग 30 साल से अधिक समय से कंपनी के मार्केटिंग, बिक्री और निर्यात विभाग संभाल रहे थे. मौजूदा समय की बात करें तो कंपनी का टर्नओवर 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा है. जिसमें पराग देसाई ने अहम भूमिका निभाई है. कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, पराग देसाई ने लॉन्ग आइलैंड यूनिवर्सिटी यूएसए से एमबीए किया था. जिसके बाद उन्होंने कंपनी को संभालने की जिम्मेदारी ली थी.
वाघ बकरी चाय वर्तमान में गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, गोवा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल, जम्मू और कश्मीर, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मौजूद है और हाल ही में इसने बिहार, झारखंड और ओडिशा में अपनी उपस्थिति दर्ज की है.
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